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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने सोमवार को शिक्षकों के हमले की आशंका के बीच खुद को अपने कार्यालय में बंद कर लिया था. एक महिला टीचर का आरोप है कि उनकी नियुक्ति को 11 साल बाद अवैध बताया जा रहा है.
पूर्व कुलपति राजेश्वर चंदेल की पत्नी और बेसिक साइंस विभाग की प्रमुख आशु चंदेल ने कहा कि उनकी नियुक्ति की जांच की मांग को लेकर 24 पृष्ठों का एक पत्र राज्य सतर्कता ब्यूरो को भेजा गया है.
सोलन. हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने सोमवार को शिक्षकों के हमले की आशंका के बीच खुद को अपने कार्यालय में बंद कर लिया और पुलिस से सुरक्षा का अनुरोध किया.
कुलपति के कार्यालय के बाहर हंगामे के बीच शिक्षकों ने दावा किया कि वे अपनी शिकायतें रखने के लिए पिछले तीन महीने से कुलपति एच.एस. बावेजा से मुलाकात नहीं कर सके हैं.
पूर्व कुलपति राजेश्वर चंदेल की पत्नी और बेसिक साइंस विभाग की प्रमुख आशु चंदेल ने कहा कि उनकी नियुक्ति की जांच की मांग को लेकर 24 पृष्ठों का एक पत्र राज्य सतर्कता ब्यूरो को भेजा गया है. चंदेल ने आरोप लगाया कि बावेजा ने उनकी नियुक्ति को अवैध बताते हुए उन्हें बर्खास्त करने की सिफारिश की है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में उनके नियुक्त होने के बाद से भाजपा और कांग्रेस, दोनों के शासनकाल में 11 कुलपति रह चुके हैं लेकिन किसी ने भी उनकी नियुक्ति पर सवाल नहीं उठाया.
बावेजा ने मीडिया से कहा कि उन्होंने शिक्षकों की ओर से मिल रही “धमकी” के बारे में सोलन के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अवगत कराया है. उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों ने उनके कार्यालय में जबरन घुसने की कोशिश की. कुलपति ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को भी स्थिति से अवगत कराया है.
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के नौणी स्थित डॉ. वाई.एस. परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने सोमवार को शिक्षकों के हमले की आशंका के बीच खुद को अपने कार्यालय में बंद कर लिया और पुलिस से सुरक्षा का अनुरोध किया.
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