अरुणिमा
वोटर लिस्ट के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ यानी SIR को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए दिल्ली और मुंबई में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. इसे लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है. रिजिजू ने विपक्ष पर ‘भारत को एक राष्ट्र के तौर पर कमजोर करने की बड़ी साजिश’ रचने का आरोप लगाया है. CNN-News18 को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में रिजिजू ने आरोप लगाया कि बार-बार चुनावी हार से निराश विपक्षी दलों ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक संस्थाओं के खिलाफ सुनियोजित हमले शुरू कर दिए हैं.
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने खास ग्रुप बनाए हैं. एक ग्रुप लगातार न्यायपालिका और अलग-अलग जजों पर हमला कर रहा है, दूसरा ग्रुप भारत के चुनाव आयोग, ईडी और सीबीआई जैसी संवैधानिक संस्थाओं की साख गिराने की कोशिश कर रहा है, और तीसरा ग्रुप देश की तरक्की को रोकने के लिए विदेशों में फेक न्यूज फैला रहा है.
उन्होंने कहा, ‘उन्होंने विपक्ष के बीच ऐसे ग्रुप बनाए हैं. एक ग्रुप न्यायपालिका पर हमला कर रहा है. इसमें जाने-माने चेहरे, वकील और वामपंथी विचारधारा वाले एक्टिविस्ट वगैरह शामिल हैं, जो न्यायपालिका पर हमले के लिए प्रतिबद्ध हैं. अगर सुप्रीम कोर्ट या हाई कोर्ट से देश के हित में कोई अच्छा फैसला आता है, तो वे इसे लोकतांत्रिक सिद्धांतों और न्यायपालिका की आजादी को कमजोर करने वाला बताते हैं.’
रिजिजू ने कहा, ‘उन्हें लगता है कि इससे सरकार को फायदा हो रहा है और यह देश के लिए अच्छा नहीं है. वे ऐसी नैरेटिव बनाने लगे हैं. इसलिए, वे लगातार जजों और न्यायपालिका पर हमला करते हैं. आजकल आपने देखा होगा कि यह गैंग अब अलग-अलग जजों पर भी हमले करने लगा है. फिर एक दूसरा ग्रुप है जो भारत के चुनाव आयोग और ईडी, सीबीआई जैसी दूसरी संवैधानिक संस्थाओं पर हमला कर रहा है. वे इन संस्थाओं के स्वरूप और चरित्र को बदनाम करना चाहते हैं ताकि लोग इन संस्थाओं के अच्छे कामों पर भी सवाल उठाने लगें.’
केंद्रीय मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि भारत-विरोधी तत्व अशांति फैलाने के लिए विदेशी ताकतों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं. संसदीय और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा, ‘उनका एक और ग्रुप है जो फेक न्यूज फैलाता है और युवाओं के मन में डर और असंतोष पैदा करता है. यही लोग विदेश जाकर भारत-विरोधी ताकतों से मिलते हैं, उनसे समर्थन लेते हैं और फिर GDP के आंकड़ों पर सवाल उठाते हैं. वे लोकतांत्रिक सिद्धांतों और भारत की लोकतांत्रिक सफलता की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाने लगते हैं. इस तरह, वे तीन मोर्चों पर भारत पर हमला कर रहे हैं. तो, यह एक देश के तौर पर भारत को कमजोर करने की एक बड़ी साजिश है.’
रिजिजू ने कहा कि SIR से जुड़े विरोध-प्रदर्शन भी इसी साजिश का हिस्सा थे. उन्होंने कहा, ‘अगर आप एक असली वोटर हैं और आपका नाम लिस्ट से हटा दिया गया है, तो आप अधिकारियों को लिखेंगे और सुधार के लिए उपलब्ध तरीकों का इस्तेमाल करेंगे. लेकिन बिना किसी दस्तावेज के अचानक हंगामा खड़ा करना और भारत के चुनाव आयोग पर सवाल उठाना, पूरी तरह से विदेश में मौजूद भारत-विरोधी ताकतों के समर्थन से बनाई गई एक योजना का हिस्सा है.’
राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष द्वारा विदेशी नेताओं के साथ प्रधानमंत्री की मुलाक़ात का मजाक उड़ाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी पर इस मजाक का कोई असर नहीं पड़ा क्योंकि वे इन सब बातों से ऊपर हैं, लेकिन उनके कैबिनेट सहयोगी विपक्ष के नेता के व्यवहार से परेशान थे. रिजिजू ने इस व्यवहार को उनके संवैधानिक पद के अनुरूप नहीं बताया.

