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Parvesh Verma NCR on Slapping Man: दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा के खिलाफ पश्चिमी दिल्ली में सड़क निरीक्षण के दौरान एक व्यक्ति को थप्पड़ मारने के आरोप में पुलिस ने नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज की है. उनपर बीएनएस की धारा 115 के तहत केस दर्ज किया गया है. आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ एक एफआईआर भी दर्ज की गई है. यह एफआईआर पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों को धमकाने के मामले में की गई है. मंत्री जी पर हल्की धाराओं में एक्शन का आरोप लगाते हुए AAP नेता सौरव भारद्वाज विकासपुरी थाने के बाहर धरने पर जाकर बैठ गए थे.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
विकासपुरी के थप्पड़ कांड पर दिल्ली के पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा पर एक्शन हुआ है. पुलिस ने मंत्री जी पर नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) दर्ज कर ली है. बीएनएस की धारा 115 के तहत प्रवेश वर्मा पर ये कार्रवाई की गई है. दिल्ली की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया था जब पश्चिम दिल्ली में एक नवनिर्मित सड़क के निरीक्षण के दौरान प्रवेश वर्मा का एक शख्स को थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल हुआ था. मंत्री प्रवेश वर्मा एक नई सड़क का निरीक्षण कर रहे थे और इस दौरान साहिब सिंह नाम का व्यक्ति वीडियो रिकॉर्ड कर रहा था. आरोप है कि मंत्री ने उसे थप्पड़ मारा और उनके सुरक्षाकर्मियों ने उसके साथ हाथापाई और धमकी दी. हालांकि, इस मामले पर पलटवार करते हुए मंत्री प्रवेश वर्मा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक जरनैल सिंह पर ठेकेदार से कमीशन मांगने और मौके पर हिस्ट्रीशीटरों को लाने के गंभीर आरोप लगाए हैं.
आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ एफआईआर
दिल्ली में पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आप विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. विधायक जरनैल सिंह के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने और डराने-धमकाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. एक बयान में कहा गया है कि पीडब्ल्यूडी के असिस्टेंट इंजीनियर की शिकायतों के आधार पर कानून की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है. इस घटना के संबंध में कुछ अन्य शिकायतें भी मिली हैं, जिन पर जांच के दौरान कार्रवाई की जाएगी.
एनसीआर दर्ज: बीएनएस की धारा 115 में क्या कानूनी कार्रवाई हो सकती है?
पुलिस ने इस मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए पीड़ित की शिकायत पर नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट यानी एनसीआर (NCR) दर्ज की है.
• एनसीआर क्या होती है: यह एक ऐसा मामला होता है जिसमें पुलिस सीधे तौर पर अपनी मर्जी से या बिना मजिस्ट्रेट के आदेश के गिरफ्तार नहीं कर सकती.
• कानूनी प्रक्रिया और कार्रवाई: एनसीआर दर्ज होने के बाद पुलिस को इस मामले में जांच आगे बढ़ाने के लिए अदालत (मजिस्ट्रेट) से अनुमति लेनी होती है. यदि मजिस्ट्रेट जांच की अनुमति देते हैं तो पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई और समन जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ा सकती है.
विकासपुरी थाने के बाहर धरना दे रहे सौरभ भारद्वाज
प्रवेश वर्मा के खिलाफ NCR पर आप नेता सौरव भारद्वाज ने कहा कि एनसीआर तो किसी को गाली देने पर होती है. उसने बाकायदा थप्पड़ मारा है, मोबाइल छीना है और नीचे फेंका है. आप कह रहे हैं FIR नहीं करेंगे. बीजेपी को कहना चाहिए था गिरफ्तार करवाएंगे. आप इस देश के युवाओं को भड़का रहे हो. FIR होगी, प्रवेश वर्मा गिरफ्तार हो और उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए. प्रवेश वर्मा को सोने नहीं देंगे. सौरव भारद्वाज थाने के बाद धरने पर बैठ गए हैं.
दोनों पक्षों की बयानबाजी से गरमाई सियासत
इस पूरी घटना के बाद से दिल्ली की राजनीति में बीजेपी और आम आम पार्टी के बीच घमासान छिड़ गया है. सड़क की क्वालिटी की जांच से शुरू हुआ यह निरीक्षण अब एक बड़े राजनीतिक और कानूनी विवाद का रूप ले चुका है, जहां दोनों दल एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं. पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और वायरल वीडियो के आधार पर आगे की कानूनी जांच कर रही है.
सवाल जवाब
सड़क निरीक्षण के दौरान मुख्य विवाद क्या था? तिलक नगर-विकासपुरी में सड़क निरीक्षण के दौरान निर्माण की क्वालिटी पर सवाल उठे और वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर मंत्री प्रवेश वर्मा व एक स्थानीय निवासी के बीच झड़प हो गई [cite: ].
पुलिस द्वारा प्रवेश वर्मा पर दर्ज की गई एनसीआर में आगे क्या प्रक्रिया होती है? एनसीआर (NCR) मामलों में पुलिस को जांच करने या गिरफ्तारी के लिए आमतौर पर मजिस्ट्रेट के आदेश या अनुमति की आवश्यकता होती है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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