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हुमायूं कबीर के एक बयान ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. कबीर ने सुवेंदु अधिकारी की मौत की दुआ करने की बात कही और आरोप लगाया कि उनकी पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. विवाद बढ़ा तो कबीर ने अपने बयान पर सफाई देते हुए सुर बदल दिए. उन्होंने कहा कि वह अब सुवेंदु अधिकारी की लंबी उम्र की दुआ करेंगे और उन्हें प्रधानमंत्री बनते देखना चाहते हैं.
हुमायूं कबीर ने कहा कि वह जुमे की नमाज में सीएम सुवेंदु अधिकारी की मौत की दुआ करेंगे.
पश्चिम बंगाल में बाबरी मस्जिद बनाने की कोशिशों को लेकर चर्चा में हुमायूं कबीर ने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को लेकर ऐसा बयान दिया, जिस पर सियासी घमासान शुरू हो गया. आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के प्रमुख कबीर ने कहा कि वह जुमे की नमाज में अधिकारी की मौत की दुआ करेंगे. कबीर ने आरोप लगाया कि अधिकारी की पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. इसी दौरान उन्होंने कहा कि वह हर जुमे की नमाज के दौरान सुवेंदु अधिकारी के जल्द इंतकाल की दुआ करेंगे.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कबीर ने कथित रूप से कहा कि वह चाहते हैं कि अल्लाह जल्द ही सुवेंदु अधिकारी को अपने पास बुला लें. हालांकि विवाद बढ़ने के कुछ ही समय बाद कबीर के सुर बदल गए. उन्होंने कहा कि वह अब सुवेंदु अधिकारी की लंबी उम्र की दुआ करेंगे और चाहते हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री बनें.
कबीर ने अपने बयान में कुछ दिवंगत राजनीतिक नेताओं का उदाहरण भी दिया. उन्होंने अजित पवार और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी समेत नेताओं की मौत का जिक्र करते हुए अपनी बात रखी.
अपने यू-टर्न के बाद कबीर ने दावा किया कि उनके बयान का संदर्भ सुवेंदु अधिकारी नहीं, बल्कि पुलिस की कथित कार्रवाई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनके और उनके समर्थकों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही है और उसका रवैया निरंकुश होता जा रहा है.
कबीर का कहना है कि पुलिस के इसी व्यवहार के विरोध में उन्होंने गुस्से में बयान दिया था. हालांकि, पहले दिए गए बयान और बाद की सफाई ने राजनीतिक विवाद को और हवा दे दी है.
हुमायूं कबीर पिछले कुछ समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहे हैं. रेजीनगर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भी उन्होंने चुनाव प्रचार से दूरी बनाने का ऐलान किया था.
कबीर ने उस समय आरोप लगाया था कि उनके समर्थकों पर पुलिस कार्रवाई की जा रही है और प्रशासन की ओर से दबाव बनाया जा रहा है. इसी को आधार बनाकर उन्होंने प्रचार अभियान से अलग रहने की बात कही थी. अब सुवेंदु अधिकारी को लेकर दिए गए ताजा बयान ने एक बार फिर राज्य की सियासत को गरमा दिया है.
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साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.
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