सितंबर का आखिरी हफ्ता शुरू होते ही भारत का मौसम एकदम फिल्मी ट्विस्ट ले रहा है. एक तरफ उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पश्चिम मानसून चुपके से अपना बिस्तर समेटकर विदाई का सामान बांध रहा है, तो दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन तूफानी मेहमान बनकर कई राज्यों में झूमर लगा रहा है. भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का यह कॉकटेल अगले कुछ दिनों में पूर्वी और मध्य भारत को अच्छी-खासी भीगने पर मजबूर कर देगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के मुताबिक, 24 सितंबर को देश के 15 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है. खासकर ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश हो सकती है. वहीं बिहार, झारखंड, विदर्भ, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी तेज बारिश का दौर देखने को मिलेगा. उधर दिल्ली-एनसीआर के लिए तस्वीर बिल्कुल अलग है. यहां मानसून की विदाई हो चुकी है और 24 सितंबर को मुख्य रूप से आसमान साफ रहने का अनुमान है. यानी एक तरफ पूर्वी और मध्य भारत में बादल बरसेंगे, तो दूसरी तरफ दिल्ली समेत उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम धीरे-धीरे बारिश से दूरी बनाता नजर आएगा.
बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन बढ़ा रहा टेंशन
बंगाल की खाड़ी में बना डीप डिप्रेशन देश के पूर्वी हिस्से की टेंशन बढ़ा रहा है. आईएमडी के मुताबिक 23 सितंबर की सुबह यह सिस्टम पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में मौजूद था. इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात तक कलिंगपट्टनम के आसपास उत्तर आंध्र प्रदेश-दक्षिण ओडिशा तट को पार करने की संभावना है.
इस सिस्टम के कारण तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 24 सितंबर को बारिश का जोर बना रहेगा. इस दौरान कई जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश की भी आशंका है. इसके साथ तेज हवाएं भी चलेंगी. समुद्र में 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं और झोंकों के साथ 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार दर्ज हो सकती है. ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों और समुद्र में जाने वाले मछुआरों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है.
दिल्ली में कल कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली के मौसम की बात करें तो यहां बारिश के मौसम की विदाई हो चुकी है. IMD के मुताबिक 23 सितंबर को दक्षिण-पश्चिम मानसून दिल्ली से वापस लौट गया. सामान्य तौर पर दिल्ली से मानसून की विदाई 25 सितंबर के आसपास होती है. यानी इस बार मानसून ने राजधानी से सामान्य तारीख से करीब दो दिन पहले ही विदाई ले ली. पिछले साल यानी 2025 में भी मानसून 24 सितंबर को दिल्ली से विदा हुआ था.
24 सितंबर को दिल्ली-एनसीआर में मुख्य रूप से आसमान साफ रहने का अनुमान है. अगले सात दिनों में अधिकतम तापमान में भी कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा है. इस मानसून सीजन में दिल्ली में अब तक 728.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है, जबकि सामान्य बारिश 629.7 मिलीमीटर होती है. यानी इस बार राजधानी में सामान्य से करीब 16 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है. हालांकि IMD के मुताबिक यह आंकड़ा अभी भी ‘सामान्य बारिश’ की श्रेणी में आता है.
यूपी में फिर बढ़ सकती है बारिश, उत्तराखंड में भी अलर्ट
उधर उत्तर प्रदेश में 24 सितंबर को मौसम के मिजाज में फिर बदलाव देखने को मिल सकता है. खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है. इसके बाद 25 से 27 सितंबर के बीच पश्चिमी यूपी में भारी बारिश का दौर बन सकता है. पूर्वी यूपी में भी 25 और 26 सितंबर को भारी बारिश की संभावना है. यानी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का सिलसिला रुक-रुककर जारी रह सकता है.
उत्तराखंड में भी मौसम अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है. 23 से 25 सितंबर तक राज्य में छिटपुट बारिश का अनुमान है. इसके बाद 26 से 28 सितंबर के बीच बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. 26 और 27 सितंबर को कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. 25 से 27 सितंबर के बीच गरज-चमक और तेज हवाओं का भी असर रहेगा. पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश की स्थिति में स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या सड़क यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.
बिहार-झारखंड में बारिश के साथ तेज हवाओं का दौर
बिहार में 24 सितंबर का दिन बारिश वाला रह सकता है. IMD ने कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. राज्य में 24 से 27 सितंबर के बीच कई इलाकों में बारिश का दौर दिख सकता है. 25 और 26 सितंबर को भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है. गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है.
झारखंड में भी 24 सितंबर को मौसम सक्रिय रहेगा. राज्य के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 23 से 26 सितंबर के बीच व्यापक बारिश का दौर रहने का अनुमान है. इसके अलावा 23 से 25 सितंबर के बीच गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं चल सकती हैं. बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय यातायात पर असर पड़ने की आशंका बनी रहेगी.
छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा बारिश की मार
मध्य भारत में छत्तीसगढ़ पर मौसम की सबसे ज्यादा नजर रहेगी. 24 सितंबर को राज्य में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की संभावना है. IMD ने 23 और 24 सितंबर दोनों दिन बेहद भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसके साथ ही तेज हवाओं का दौर भी चल सकता है.
छत्तीसगढ़ में 23-24 सितंबर को थंडरस्क्वॉल की स्थिति बन सकती है, जिसमें हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. ऐसे में खुले इलाकों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के आसपास अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होगी.
ओडिशा-आंध्र में बारिश के साथ तेज हवाओं का जोर
डीप डिप्रेशन का असर ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय हिस्सों में सबसे ज्यादा दिखाई देगा. ओडिशा में 23 और 24 सितंबर को कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की आशंका है. 24 सितंबर को भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. इसके साथ तेज हवाएं चलेंगी और समुद्र भी उग्र रह सकता है.
तटीय आंध्र प्रदेश और यानम में भी 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. 23-24 सितंबर को थंडरस्क्वॉल के दौरान हवा की रफ्तार 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. मौसम विभाग ने 24 सितंबर तक आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है.
तेलंगाना में भी भारी बारिश का खतरा
तेलंगाना में 24 सितंबर को मौसम बेहद सक्रिय रह सकता है. IMD ने यहां भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बेहद भारी बारिश की संभावना जताई है. 23 से 25 सितंबर के बीच राज्य के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है, जबकि 24 और 25 सितंबर को बेहद भारी बारिश की चेतावनी है.
तेज हवाओं और गरज-चमक का भी असर देखने को मिलेगा. 24 सितंबर को हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है और झोंकों के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक जा सकती है. भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है.
महाराष्ट्र से लेकर कर्नाटक-केरल तक बारिश
महाराष्ट्र के कोंकण, गोवा और मराठवाड़ा में भी बारिश का असर बना रहेगा. 23 सितंबर को इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना है, जबकि 24 से 29 सितंबर तक छिटपुट बारिश जारी रह सकती है. मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 24 से 26 सितंबर के बीच तेज हवाओं और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है.
दक्षिण भारत में केरल, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश जारी रहने का अनुमान है. 24 सितंबर को तटीय कर्नाटक में भारी और कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है. उत्तर और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में भी 23-24 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है. केरल और माहे में 23 से 26 सितंबर तक व्यापक बारिश की संभावना है.
पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर में भी बरसेंगे बादल
पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 24 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. गंगीय पश्चिम बंगाल और झारखंड में 23 से 26 सितंबर तक व्यापक बारिश का दौर रहने का अनुमान है. बिहार में भी 24 से 27 सितंबर तक बारिश का असर बना रह सकता है.
पूर्वोत्तर भारत में असम और मेघालय पर भी मौसम विभाग की नजर है. यहां 23 से 28 सितंबर तक कई इलाकों में बारिश हो सकती है और 24 से 28 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है.
कुल मिलाकर 24 सितंबर को देश में मौसम के दो अलग-अलग रंग दिखाई देंगे. दिल्ली और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में मानसून की विदाई के बाद मौसम अपेक्षाकृत शांत रहेगा, जबकि ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना में भारी से बेहद भारी बारिश का खतरा रहेगा. बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, विदर्भ, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहेगा. बंगाल की खाड़ी का डीप डिप्रेशन तट पार करने के बाद धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है, लेकिन इसके असर से कई राज्यों में बारिश का सिलसिला अगले कुछ दिनों तक बना रह सकता है.

