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Dahi Tikhari Recipe: दही ठिखारी राजस्थानी खाने की एक स्वादिष्ट और आसान देसी रेसिपी है, जिसे घर पर कम सामग्री में तैयार किया जा सकता है. इसे बनाते समय सबसे बड़ी परेशानी दही के फटने की होती है. सही तरीका और कुछ आसान ट्रिक्स अपनाकर दही को फटने से बचाया जा सकता है. मसालों के साथ तैयार यह चटपटी दही की सब्जी रोटी, पराठे या बाजरे की रोटी के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है.
पाली. राजस्थान का पाली जिला सिर्फ अपनी संस्कृति और इतिहास ही नहीं, बल्कि अपने अनूठे और लज़ीज़ खानपान के लिए भी जाना जाता है. और जब बात हो मारवाड़ी देसी ज़ायके की, तो ‘दही ठिखारी’ का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है. अगर आप चटपटा और तीखा खाने के शौकीन हैं, तो पाली की यह खास पारंपरिक सब्जी मिनटों में आपका दिल जीत लेगी. हमारे राजस्थान की रसोई में दही से बनने वाले व्यंजनों का अपना एक अलग ही रुतबा है. चाहे खाने का स्वाद बढ़ाना हो या कढ़ी-रायते से हटकर कुछ नया बनाना हो, ‘दही ठिखारी’ एक बेहतरीन विकल्प है. लेकिन अक्सर लोगों की यह शिकायत रहती है कि जब भी वे गर्म तेल या मसाले में दही मिलाते हैं, तो वह फट जाती है और डिश का सारा मज़ा खराब हो जाता है.
अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो अब चिंता करने की ज़रूरत नहीं है. लहसुन और मिर्च के तीखे तड़के के साथ ‘फूंक मारो’ सीक्रेट ट्रिक अपनाकर आप एकदम परफेक्ट और क्रीमी दही ठिखारी बना सकते हैं.
पहले इस सामग्री का करे इंतजाम
गाढ़ा दही: 1 कप
लहसुन: 15 से 20 कलियां
सूखी लाल मिर्च: 2-3 (स्वाद अनुसार)
नमक: स्वादानुसार
सरसों का तेल: 2 से 3 चम्मच
जीरा: 1 छोटा चम्मच
कढी पत्ता और हल्दी पाउडर देगा टेस्ट
कढ़ी पत्ता: 8-10 पत्ते
हल्दी पाउडर: आधा छोटा चम्मच
धनिया पाउडर: 1 छोटा चम्मच
लहसुन-मिर्च का चटपटा पेस्ट तैयार करें:
सबसे पहले खलबट्टे में 15 से 20 लहसुन की कलियां, सूखी लाल मिर्च और थोड़ा सा नमक डालकर अच्छे से कूट लें. ध्यान रहे कि इसे मिक्सी के बजाय हाथ से कूटने पर असली पारंपरिक स्वाद आता है.
तड़का और मसालो की करे भुनाई
अब कढ़ाई में सरसों का तेल डालकर तेज गर्म करें. तेल में से धुआं निकलने लगे तो उसमें जीरा, कढ़ी पत्ता और हल्दी पाउडर डालकर अच्छे से मिक्स करें. तड़के में तुरंत खलबट्टे में कुटा हुआ लहसुन और मिर्च का पेस्ट डालें. इसके बाद स्वादानुसार थोड़ा और नमक और धनिया पाउडर मिलाकर मसाले को धीमी आंच पर अच्छे से भून लें ताकि लहसुन का कच्चापन खत्म हो जाए.
फूंक मारकर ठंडा करें
जब मसाला अच्छे से भून जाए, तो गैस बंद कर दें. अब दही डालने की जल्दी बिल्कुल न करें! मसाले पर हल्के से फूंक मारकर या चम्मच से चलाकर उसका तापमान थोड़ा कम (ठंडा) कर लें. जब मसाला थोड़ा गुनगुना या ठंडा हो जाए, तब इसमें गाढ़ा फेंटा हुआ दही डालें और अच्छे से मिक्स करें. इस आसान ट्रिक से दही का तापमान अचानक नहीं बदलता और वह कभी नहीं फटती. आपकी गरमा-गरम, तीखी और जायकेदार दही ठिखारी बनकर तैयार है! इसे बाजरे की रोटी, पराठे या सादे चावल के साथ परोसें.
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मेरा नाम जागृति दुबे है. मीडिया और डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में पिछले 6 वर्षों से सक्रिय हूं. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को मैंने वर्ष 2019 में GBN 24 न्यूज़ चैनल से इंटर्नशिप के साथ शुरुआत देकर एक पेशेव…
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