पूर्वी चंपारण के गोपाल स्वीट्स में संतरे के आकार का गुलाब जामुन बना आकर्षण का केंद्र
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East Champaran Famous Orange Size Gulab Jamun: पूर्वी चंपारण के गोपाल स्वीट्स में संतरे के आकार का गुलाब जामुन ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. हरसिद्धि-अरेराज रोड पर स्थित यह दुकान अपने बड़े और स्वादिष्ट गुलाब जामुन के लिए प्रसिद्ध है, जिसे शुद्ध छेना और खोआ से बनाया जाता है.
गौरव आदित्य/पूर्वी चंपारण: चंपारण अपने खास स्वाद और देसी व्यंजनों के लिए जाना जाता है. यहां के हलवाई भी ग्राहकों को कुछ नया खिलाने के लिए अक्सर नए-नए प्रयोग करते रहते हैं. ऐसा ही एक अनोखा प्रयोग पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि-अरेराज रोड स्थित गोपाल स्वीट्स में देखने को मिलता है. यहां मिलने वाला गुलाब जामुन अपने स्वाद के साथ-साथ अपने बड़े आकार के लिए भी लोगों के बीच चर्चा में है. इसका आकार लगभग एक संतरे जितना बड़ा होता है.
संतरे जितना बड़ा गुलाब जामुन
गोपाल स्वीट्स के गुलाब जामुन की सबसे खास बात इसका आकार है. आम तौर पर मिलने वाले गुलाब जामुन से यह कई गुना बड़ा होता है. दुकान के मालिक सुरेंद्र प्रसाद बताते हैं कि जब उन्होंने दुकान शुरू की थी. तब कारोबार बहुत अच्छा नहीं चल रहा था. इसके बाद उन्होंने कुछ नया करने का सोचा और गुलाब जामुन का आकार बड़ा कर दिया. उनका यह प्रयोग ग्राहकों को पसंद आया. धीरे-धीरे दुकान पर भीड़ बढ़ने लगी.
इस खास गुलाब जामुन की कीमत 20 रुपये प्रति पीस है. एक गुलाब जामुन का वजन करीब 120 से 150 ग्राम तक होता है. बड़ा आकार होने के कारण इसे देखते ही ग्राहक आकर्षित हो जाते हैं. कई लोग इसे पहली बार देखकर जरूर चखना चाहते हैं.
छेना और खोआ से बनता है खास स्वाद
सुरेंद्र प्रसाद आगे बतलाते हैं कि इस गुलाब जामुन को तैयार करने में छेना और खोआ का इस्तेमाल किया जाता है. उनका कहना है कि मिठाई में सामग्री की गुणवत्ता का खास ध्यान रखा जाता है. यही वजह है कि बड़ा आकार होने के साथ इसका स्वाद भी ग्राहकों को पसंद आता है. हरसिद्धि-अरेराज रोड से गुजरने वाले राहगीर अब इस गुलाब जामुन को चखने के लिए गोपाल स्वीट्स पर रुकते हैं. सोमेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी यहां की मिठाई का स्वाद लेते हैं.
एक बार खाया तो बन गए नियमित ग्राहक
पश्चिमी चंपारण के लाल सरैया निवासी नियमित ग्राहक मुकेश कुमार बताते हैं कि उन्होंने पहले इस बड़े गुलाब जामुन के बारे में सुना था. पहली बार खाने के बाद उन्हें इसका स्वाद पसंद आया. अब जब भी वे हरसिद्धि आते हैं, गोपाल स्वीट्स का गुलाब जामुन जरूर खाते हैं. एक अन्य ग्राहक ने बताया कि वह पिछले तीन साल से यहां का गुलाब जामुन खा रहे हैं. उनके लिए यह सिर्फ मिठाई नहीं, बल्कि हरसिद्धि आने पर खाने की एक खास पसंद बन चुका है.

