Last Updated:
Desi Jugad: मिर्जापुर में ग्रामीण क्षेत्र में देशी जुगाड़ से डाइनमो लगाकर जनरेटर बनाया गया है. खास बात यह है कि इससे करंट भी बराबर मिलता है और वोल्टेज भी बना रहता है. इसके लिए कोई खर्च नहीं है. सुनील पाल ने यूट्यूब से देखकर किसानों की समस्या को दूर करने के लिए टेक्निक लगाया. इससे किसानों का डीजल बचत के साथ सिंचाई में बहुत उपयोगी होगा.
गांव में अक्सर बिजली की समस्या होती है. बिजली नहीं होने की वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में समस्याओं को देखते हुए देशी जुगाड़ से जनरेटर तैयार किया गया है, जो बिजली भी देता है और डीजल की बचत भी करता है.
मिर्जापुर में ग्रामीण क्षेत्र में देशी जुगाड़ से डाइनमो लगाकर जनरेटर बनाया गया है. खास बात यह है कि इससे करंट भी बराबर मिलता है और वोल्टेज भी बना रहता है. इसके लिए कोई खर्च नहीं है. यह जुगाड़ किसानों के लिए काफी कारगर साबित हो रहा है.
ट्रैक्टर में रॉड के माध्यम से डाइनमों को चलाया जाता है. स्पीड के हिसाब से वोल्टेज मिलता है. तेज स्पीड चाहिए तो ट्रैक्टर के स्लेटर को बढ़ा दिया जाता है. वहीं, कम चाहिए तो नार्मल रखा जाता है. बिजली उत्पादन के साथ किसाान खेत की सिंचाई भी कर रहे हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
सुनील पाल ने बताया कि यूट्यूब से ट्रैक्टर से जनरेटर बनाने का आइडिया आया था, जिसके बाद ट्रेक्टर में डाइनमो रखने के लिए जगह बनाया गया और उसके बाद ट्रैक्टर में फिट कर दिया गया. अब आसानी के साथ बेहतर वोल्टेज वाली बिजली मिलती है.
वोल्टेज देखने के लिए करंट तार में एक मीटर लगाया गया है. मीटर में वोल्टेज बताता रहता है. ऐसे में नॉर्मल स्लेटर पर 200 से 220 तक वोल्टेज मिलता है, जो पर्याप्त रहता है. सुनील के द्वारा तैयार इस जुगाड़ में हर वह चीज मिल जाएगी जो बिजली को नियंत्रित व संतुलित कर सके.
सुनील ने बताया कि पहले इसका इस्तेमाल सिर्फ घरेलू उपयोग में होता था, लेकिन बदलते समय के साथ इसका उपयोग कमर्शियल के लिए होने लगा. अब हम शादी-विवाह और मांगलिक कार्यक्रमों में करते हैं, जहां पर कमाई भी हो रही है.
नॉर्मल जनरेटर चलाने पर एक लीटर में करीब एक घंटे या एक घंटे 15 मिनट तक चलता है, लेकिन इससे ट्रैक्टर के एवरेज यानि 2 से 2.50 घंटे तक चलता है. इसे बनाने के लिए डाइनमो और सेट करने के कुछ सामानों की आवश्यकता होती है.

