Last Updated:
झुंझुनू के फिरोज को एक पन्ने की मिस्ट्री ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है. इस पन्ने की वजह से उससे पहले ओमान में लंबी पूछताछ की गई. फिर से दिल्ली के लिए डिपोर्ट कर दिया गया. दिल्ली पहुंचने के बाद फिर उसे लंअी पूछताछ का सामना करना पड़ा. अंत में उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है. क्या है पूरा मामला, जानने के लिए पढ़ें पूरी कहानी.
एक पन्ना झुंझनूं के फिरोज के लिए जिंदगी की सबसे बड़ी मुसीबत बन गया है. (एआई इमेज)
झुंझुनूं के फिरोज के लिए एक पन्ना जी का जंजाल बन गया. पहले इस पन्ने की तलाश ओमान में हुई. यह पन्ना नहीं मिला तो उसे एयरपोर्ट से ही दिल्ली के लिए चलता कर दिया गया. वहीं दिल्ली पहुंचते ही उसे एयरपोर्ट से हिरासत में ले लिया गया और इसी पन्ने को लेकर इंटेलिजेंस ब्यूरो और दिल्ली पुलिस ने तगड़ी पूछताछ की. इसके बात फिरोज को एयरपोर्ट से सीधा तिहाड़ जेल भेज दिया गया. अब दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर वह पन्ना गया तो गया कहां. इस पन्ने के गायब होने के पीछे कोई साजिश है या फिर किसी करतूत को छिपाने के लिए पन्ना गायब कर दिया गया.
दरअसल, यह कहानी राजस्थान के झुंझुनूं में रहने वाले फिरोज अली के इर्द गिर्द घूमती है. फिरोज अगस्त महीने के आखिरी दिनों में ओमान जाने के लिए दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचा था. दिल्ली एयरपोर्ट पर सभी जरूरी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद फिरोज बिना किसी परेशानी के ओमान के लिए रवाना हो गया. असली दिक्कत ओमान पहुंचने के बाद शुरू हुई. ओमान एयरपोर्ट पर पासपोर्ट की जांच के दौरान पाया गया कि उससे पेज नंबर 17 और 18 नदारद था. ओमार एयरपोर्ट के इमिग्रेशन अधिकारियों ने इस पेज को लेकर लंबी पूछताछ की लेकिन वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका.
आखिर में, इमिग्रेशन अधिकारियों ने उसे ओमान से डिपोर्ट करने का फैसला ले लिया. इसके बाद, उसे 31 अगस्त और 1 सितंबर की रात ओमान एयर की फ्लाइट नंबर WY-245 से दिल्ली के लिए रवाना कर दिया गया. वहीं, दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते ही फिरोज को इंटेलिजेंस ब्यूरो के अंतर्गत आने वाली एजेंसी इमिग्रेशन ब्यूरो ने हिरासत में ले लिया. पासपोर्ट के पेज नंबर 17 और 18 को लेकर एक बार फिर पूछताछ शुरू हुई. प्रारंभिक पूछताछ करने के बाद उसे आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस के हवाले कर दिया गया. वहीं, आईजीआई एयरपोर्ट पुलिस ने इमिग्रेशन ब्यूरो की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर अपनी जांच शुरू कर दी.
फिलहाल, यह माना जा रहा है कि पेज नंबर 17 और 18 पर लगे फर्जी वीजा हो और ओमान पहुंचने से पहले उसे फाड़ दिया गया हो. आईजीआई एयरपोर्ट सभी संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है. साथ ही, पासपोर्ट से पेज गायब होने की मिस्ट्री से जुड़े किरदारों की पहचान करने की कोशिश भी की जा रही है.
About the Author
Anoop Kumar Mishra is currently serving as Assistant Editor at News18 Hindi Digital, where he leads coverage of strategic domains including aviation, defence, paramilitary forces, international…
और पढ़ें

