चंदौली: जिले के कुंडा कला गांव में कभी पानी से लबालब रहने वाली पोखरी आज गंदगी, कूड़े और दलदल में तब्दील हो चुकी है. ग्रामीणों ने कहा कि वर्षों से इसकी सफाई नहीं हुई है. पोखरी में जल निकासी का पानी जमा होने और लगातार कूड़ा फेंके जाने से हालात बदतर हो गए हैं. इसके चलते गांव के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है और बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सफाई और अतिक्रमण हटाने की मांग की है.
कभी इतनी गहरी थी कि हाथी भी डूब जाए
दरअसल, मुगलसराय के कुंडा कला गांव में मौजूद यह पोखरी कभी गांव की जरूरतों का बड़ा जलस्रोत हुआ करती थी. ग्रामीणों ने बताया कि करीब 20 से 30 साल पहले तक पोखरी इतनी गहरी थी कि इसमें हाथी तक डूब सकता था. चारों तरफ बांस लगे हुए थे और गांव के घरों से निकलने वाला पानी भी इसी पोखरी में पहुंचता था, लेकिन समय के साथ पोखरी में कूड़ा-कचरा डाले जाने लगा. धीरे-धीरे इसकी गहराई कम होती गई और आज स्थिति यह है कि यहां पानी के बजाय गंदगी और दलदल नजर आता है. पोखरी का एक बड़ा हिस्सा कचरे और मिट्टी से पट चुका है.
जलनिकासी की व्यवस्था नहीं, रास्ता भी हुआ बंद
ग्रामीण रईश अहमद शेरू ने लोकल 18 से बताया कि गांव में पानी की निकासी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है. एक नाला था, वह भी वर्षों से पट चुका है. करीब 5 फीट तक मिट्टी और कचरे से भर जाने के कारण पानी की निकासी बाधित है. उन्होंने बताया कि ग्रामीण चाहते हैं कि पोखरी की चारों तरफ से खुदाई कराकर इसे फिर से गहरा किया जाए, ताकि गांव का पानी इसमें जमा हो सके और जल निकासी की समस्या दूर हो. पोखरी के पास से गुजरने वाला रास्ता भी गंदगी और पानी भरने के कारण लगभग बंद हो गया है. इससे गांव की बड़ी आबादी को आने-जाने में परेशानी हो रही है. खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को दूसरे रास्ते से होकर जाना पड़ता है.
पूर्व प्रधान बोले- पहले होती थी पोखरी की देखरेख
पूर्व ग्राम प्रधान अयूब खान गुड्डू ने लोकल 18 से बताया कि करीब 20-30 वर्ष पहले पोखरी की स्थिति बिल्कुल अलग थी. वह काफी गहरी थी और गांव का पानी इसमें आता था. उनके कार्यकाल में जेसीबी आदि की मदद से इसकी सफाई कराने का प्रयास किया गया था, जिससे पानी की निकासी बेहतर रहती थी. उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से ग्रामीण लगातार पोखरी की सफाई और किनारों की खुदाई की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका.
अतिक्रमण और कूड़ा बना बड़ी समस्या
ग्रामीणों का आरोप है कि पोखरी के कुछ हिस्सों पर अतिक्रमण भी हुआ है. वहीं, गांव के लोग लगातार इसमें कूड़ा फेंकते हैं, जिससे स्थिति और खराब होती चली गई. कभी गहरी रहने वाली पोखरी अब कई जगह सड़क के बराबर दिखाई देती है. ग्रामीण गुलाम मोहम्मद ने लोकल 18 से बताया कि उनका घर पोखरी के पास है और पानी भरने से घर के आसपास भी परेशानी होती है. उन्होंने मांग की कि पोखरी की खुदाई कराई जाए, अतिक्रमण हटाया जाए और आसपास नाली की व्यवस्था की जाए.
ग्रामीणों ने प्रशासन से पोखरी की तत्काल सफाई कराने, जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने और अतिक्रमण हटाने की मांग की है. ग्रामीणों ने कहा कि गंदगी के कारण मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और बीमारियों का खतरा बना रहता है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द पोखरी की सफाई नहीं कराई गई, तो वे सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन करेंगे. उनका कहना है कि यह केवल पोखरी की समस्या नहीं, बल्कि पूरे गांव की जल निकासी और आवागमन से जुड़ा मुद्दा है. प्रशासन ने यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो ग्रामीण आंदोलन के लिए मजबूर होंगे.

