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राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ के जरिए देश के खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद किया. उन्होंने खेलों को जीवन और देश की प्रगति से जोड़ते हुए युवाओं को आगे आने का संदेश दिया. पीएम ने कहा कि जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को सामने लाना जरूरी है. कार्यक्रम में 1,500 से अधिक शिक्षण संस्थानों के लाखों युवा शामिल हुए. सरकार की नजर 2036 ओलंपिक लक्ष्य पर भी है और खेल प्रतिभाओं को तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है.
नेशनल स्पोर्ट्स डे से पहले पीएम मोदी ने ‘खेलो इंडिया डायलॉग’ में खिलाड़ियों और युवाओं से संवाद किया. (फाइल फोटो)
राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के खिलाड़ियों और युवाओं से खेलों को लेकर सीधा संवाद किया. ‘खेलो इंडिया डायलॉग-खेल की बात, प्रधानमंत्री मोदी के साथ’ कार्यक्रम में पीएम मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देशभर के युवा खिलाड़ियों, युवाओं और युवा नेताओं से जुड़े. कार्यक्रम का आयोजन 1,500 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों में किया गया है. इसमें लाखों युवा हिस्सा ले रहे हैं. इस दौरान प्रधानमंत्री ने खेलों की अहमियत पर जोर दिया और युवाओं को खेलों से जुड़ने का संदेश दिया. पीएम मोदी ने कहा कि देश में खेल संस्कृति को मजबूत करने के लिए जमीनी स्तर से प्रतिभाओं को सामने लाना जरूरी है. उनका संदेश साफ रहा कि ‘जो खेलेगा, वो खिलेगा.’
पीएम मोदी ने कार्यक्रम में मौजूद खिलाड़ियों और खेल जगत से जुड़े लोगों को नेशनल स्पोर्ट्स डे की अग्रिम शुभकामनाएं भी दीं. उन्होंने कहा कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस है और देशभर के युवाओं तथा खेल जगत से जुड़े सभी साथियों को उन्होंने पहले ही शुभकामनाएं दीं. कार्यक्रम में खिलाड़ियों और युवाओं के साथ खेल सुविधाओं, प्रतिभा की पहचान, प्रशिक्षण, खेल विज्ञान और खिलाड़ियों के भविष्य जैसे मुद्दों पर चर्चा हो रही है. सरकार ‘खेलो इंडिया’ अभियान के जरिए छोटे शहरों, गांवों और कस्बों से प्रतिभाओं को आगे लाने पर जोर दे रही है.
‘खेलो इंडिया’ से 2036 ओलंपिक लक्ष्य तक, पीएम मोदी का फोकस जमीनी प्रतिभाओं पर
पीएम मोदी ने कहा कि ‘खेलो इंडिया’ के जरिए देश के उन इलाकों तक खेल सुविधाएं पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जहां प्रतिभा तो है लेकिन संसाधनों की कमी है. कार्यक्रम में युवा यह भी बता रहे हैं कि भारत को खेलों की दुनिया में और मजबूत बनाने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं. इस पूरी पहल को भारत के 2036 ओलंपिक लक्ष्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है. सरकार की कोशिश है कि आने वाले वर्षों के लिए अभी से मजबूत खिलाड़ी तैयार किए जाएं, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रदर्शन और बेहतर हो सके. उन्होंने आगे कहा जो खेलेगा वह खिलेगा.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…
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