भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया, जिसमें पार्टी संगठन में बड़ा फेरबदल देखने को मिला है. बीजेपी ने अमित मालवीय को अपनी राष्ट्रीय आईटी सेल के प्रमुख के पद से हटाकर छत्तीसगढ़ के दीपक म्हस्के को यह जिम्मेदारी सौंपी है. मालवीय करीब एक दशक से ज्यादा समय से बीजेपी आईटी सेल की कमान संभाल रहे थे.
अमित मालवीय संगठन के डिजिटल अभियान को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाते रहे हैं. वह पश्चिम बंगाल में पार्टी के सह-प्रभारी की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं. बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी के शानदार प्रदर्शन के दौरान उनकी भूमिका भी चर्चा में रही थी.
सोशल मीडिया टीम में भी बड़े बदलाव
बीजेपी ने अपनी सोशल मीडिया टीम में भी नए चेहरों को जिम्मेदारी दी है. पार्टी ने अलग-अलग राज्यों से चार नए सोशल मीडिया कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं. महाराष्ट्र की प्रीति गांधी, दिल्ली के शिवानंद द्विवेदी, उत्तराखंड के आलोक भट्ट और हरियाणा के अरुण यादव को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है.
वहीं, अनिल बलूनी बीजेपी के मीडिया कन्वीनर के पद पर बने रहेंगे. पार्टी के इस फेरबदल को डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया पर संगठन की पहुंच को और मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है.
13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की भी नियुक्ति
राष्ट्रीय महासचिवों की नई टीम
पार्टी ने राष्ट्रीय महासचिवों की टीम में भी बदलाव किया है. विनोद तावड़े, सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, स्मृति ईरानी, सतीश पूनिया, गजेंद्र पटेल, हरीश द्विवेदी और संजय भाटिया को राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बीएल संतोष अपने पद पर बने रहेंगे. वहीं, शिवप्रकाश और सौदान सिंह को राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) बनाया गया है.
राष्ट्रीय सचिवों की टीम में भी नए चेहरे
पार्टी ने राष्ट्रीय सचिवों की नई टीम का भी ऐलान किया है. इसमें के. कविता पाटीदार, के. सुरेंद्रन, भोला सिंह, प्रदीप वर्मा, फांगनोन कोन्याक, अनिल एंटनी, संदीप पाठक और मनोज तिग्गा समेत कई नेताओं को जगह दी गई है. इसके अलावा पीयूष गोयल को राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि तरुण चुघ को केंद्रीय कार्यालय प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
बीजेपी में यह संगठनात्मक बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पार्टी अपने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी रणनीति को और धार देने की दिशा में आगे बढ़ रही है. IT सेल और सोशल मीडिया टीम में बदलाव को आने वाले चुनावी और राजनीतिक अभियानों की तैयारी से जोड़कर भी देखा जा रहा है.

