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बरेली जिला प्रशासन द्वारा संशोधित सर्किल रेट सूची 11 अगस्त को सार्वजनिक की गई है. इसके बाद आम जनता को 17 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का समय दिया गया है. 20 अगस्त को जनप्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखकों और अन्य संगठनों के साथ बैठक कर प्राप्त आपत्तियों पर विचार और निस्तारण किया जाएगा. इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी.
बरेली: बरेली में जमीन और मकान खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है.जिले में प्रॉपर्टी के सर्किल रेट बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हो गई है. वर्ष 2026-27 के लिए तैयार संशोधित मूल्यांकन दर सूची में अलग-अलग क्षेत्रों में 5 से 20 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है. हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया है. कि यह दरें अभी अंतिम नहीं हैं और 25 अगस्त तक आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही नई दरें लागू की जाएंगी. इस बीच विभागीय तैयारियों और सरकार की गाइडलाइंस को लेकर स्थानीय कातिब एडवोकेट जेपी एस पाल ने स्थिति स्पष्ट की है.
जिला प्रशासन द्वारा संशोधित सर्किल रेट सूची 11 अगस्त को सार्वजनिक की गई है. इसके बाद आम जनता को 17 अगस्त तक आपत्तियां और सुझाव दर्ज कराने का समय दिया गया है. 20 अगस्त को जनप्रतिनिधियों, बार एसोसिएशन, दस्तावेज लेखकों और अन्य संगठनों के साथ बैठक कर प्राप्त आपत्तियों पर विचार और निस्तारण किया जाएगा. इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी.
कृषि भूमि में होगा इजाफा
प्रस्तावित दरों के अनुसार सदर प्रथम क्षेत्र में कृषि भूमि में 0 से 12 प्रतिशत, अकृषक भूमि में 0 से 20 प्रतिशत और वाणिज्यिक भूमि में औसतन 10 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव है. वाणिज्यिक कॉम्प्लेक्स रेट में लगभग 5 प्रतिशत बढ़ोतरी प्रस्तावित की गई है.वहीं सदर द्वितीय क्षेत्र में कृषि, अकृषक और वाणिज्यिक भूमि की दरों में 0 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है. अन्य क्षेत्रों में भी बदलाव प्रस्तावित हैं, आंवला के कुछ गांवों में कृषि भूमि की दरों में 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव है. नवाबगंज में 5 से 20 प्रतिशत, फरीदपुर और आंवला क्षेत्र में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि प्रस्तावित है. बहेड़ी क्षेत्र में 5 से 15 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने की तैयारी है, जबकि कुछ गांवों को विकासशील श्रेणी में शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है.
नियमों के तहत बढ़ेगा सर्किल रेट
इस पूरे मामले पर जे. पी. एस. पाल ने कहा कि सर्किल रेट बढ़ाने की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के तहत होती है और अभी कोई अंतिम गाइडलाइन जारी नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार आपत्तियां मांगती है और सभी आपत्तियों के निस्तारण के बाद ही संशोधित सूची लागू की जाती है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी क्षेत्र में वृद्धि अधिक लगती है तो उस पर पुनर्विचार का प्रावधान है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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