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सोनभद्र के राबर्ट्सगंज के रहने वाले राममूरत की पत्नी को 16 साल पहले पेट में बच्चा था तो दिक्कत हो रही थी. डॉक्टर के द्वारा जवाब दे दिया गया था. रामसूरत के द्वारा शिवद्वार में भगवान भोलेनाथ से कामना की गई थी कि अगर बच्चा सही रहा तो उसी के साथ कावड़ यात्रा निकालेंगे और आपके दर्शन करेंगे. भगवान की ऐसी विशेष कृपा हुई कि बच्चा-जच्चा सब सकुशल हुए और आज 16 साल का बच्चा होने के बाद कावड़ यात्रा निकाल रहे हैं. हमें अपार खुशी है कि पूरे परिवार के साथ भगवान शिव द्वार के दर्शन के लिए जा रहे हैं. भगवान हर भक्तों की मनोरथ को पूर्ण करते हैं.
मिर्जापुर: सावन माह भगवान शिव की पूजा व आराधना के लिए विशेष माना जाता है. सावन माह में भक्तों के द्वारा भगवान शिव को जल अर्पित करने के लिए कावड़ लेकर निकलते हैं. मनोरथ सिद्ध होने पर भगवान शिव को जल अर्पित करते हैं और विशेष पूजन करते हैं. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से कांवरिया जल लेकर सोनभद्र के शिवद्वार मंदिर पर जाते हैं, जहां भगवान शिव पार्वती के विग्रह पर जल अर्पित करते हैं. इसी तरह सोनभद्र के रहने वाले रामसूरत की मनोकामना पूर्ण होने पर कावड़ यात्रा लेकर जा रहे हैं. उन्होंने भगवान शिव से कामना की थी कि उनका बेटा ठीक हो जाए तो कांवड़ निकालेंगे. 16 सालों बाद अपने बेटे के साथ कावड़ लेकर जा रहे हैं.
डॉक्टर ने दे दिया था जवाब
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज के रहने वाले राममूरत की पत्नी को 16 साल पहले पेट में बच्चा था तो दिक्कत हो रही थी. डॉक्टर के द्वारा जवाब दे दिया गया था. रामसूरत के द्वारा शिवद्वार में भगवान भोलेनाथ से कामना की गई थी कि अगर बच्चा सही रहा तो उसी के साथ कावड़ यात्रा निकालेंगे और आपके दर्शन करेंगे. भगवान की ऐसी विशेष कृपा हुई कि बच्चा-जच्चा सब सकुशल हुए और आज 16 साल का बच्चा होने के बाद कावड़ यात्रा निकाल रहे हैं. हमें अपार खुशी है कि पूरे परिवार के साथ भगवान शिव द्वार के दर्शन के लिए जा रहे हैं. भगवान हर भक्तों की मनोरथ को पूर्ण करते हैं.
महशूश होती हैं शक्ति
रामसूरत ने बताया कि भगवान शिवद्वार की शक्ति को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है, उनके अंदर अनंत शक्तियां हैं. जिसे हम लोग महसूस नहीं कर सकते हैं. आज तक जिसने भगवान से मांगा है. उसकी हर मनोकामना पूर्ण हुई है. यही वजह है कि देश और दुनिया से भक्त यहां पर दर्शन पूजन के लिए आते हैं. सावन माह में लाखों की संख्या में भक्त कावड़ लेकर जल अर्पित करने के लिए जाते हैं. भगवान से अलग-अलग कामना करते हैं. भगवान उनके मनोरथ को पूर्ण करते हैं और सुख समृद्धि और शांति की प्राप्ति भी होती है. भगवान शिव द्वार मंदिर में भगवान शिव और पार्वती का विग्रह पूरे भारत में ऐसा नहीं है.
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Rajnish Kumar Yadav is a digital journalist and content publisher with over seven years of experience in print and digital media. He is currently working with News18 Digital (Local18) as a Content Publisher, wh…
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