Karnataka Bandh Today: 10 अगस्त को अगर आप तमिलनाडु से कर्नाटक जाने या कर्नाटक से तमिलनाडु आने की तैयारी कर रहे हैं, तो अट्टीबेले सीमा पर पहुंचने से पहले एक बार अपना प्लान जरूर देख लें. कर्नाटक और तमिलनाडु को जोड़ने वाले इस अहम अंतरराज्यीय मार्ग पर आज कुछ घंटों के लिए आवाजाही पूरी तरह थम सकती है. वजह है कावेरी जल विवाद को लेकर कन्नड़ कार्यकर्ताओं का विरोध प्रदर्शन.
कन्नड़ समर्थक कार्यकर्ताओं ने सोमवार सुबह 11 बजे से अट्टीबेले अंतरराज्यीय सीमा को बंद करने का ऐलान किया है. खास बात यह है कि प्रदर्शन का असर सिर्फ एक दिशा में जाने वाले वाहनों पर नहीं पड़ेगा, बल्कि दोनों तरफ से आवाजाही रोकने की तैयारी है. यानी तमिलनाडु से कर्नाटक आने वाले वाहनों के साथ-साथ कर्नाटक से तमिलनाडु जाने वाले वाहनों को भी सीमा पार नहीं करने दिया जाएगा.
कन्नड़ समर्थक संगठनों के दिग्गज नेता वटल नागराज ने इस आंदोलन का ऐलान किया है. उन्होंने शनिवार को मैसूरु में आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान अट्टीबेले बॉर्डर को बंद करने की घोषणा की थी. वटल नागराज के मुताबिक, सोमवार का प्रदर्शन एक दिन और एक स्थान तक सीमित रहेगा, लेकिन इसका मकसद इससे कहीं बड़ा है. यह कार्रवाई 13 अगस्त को प्रस्तावित बड़े बंद और आंदोलन से पहले शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखी जा रही है. कार्यकर्ताओं का संदेश साफ है कि सीमा पर सिर्फ वाहनों की आवाजाही नहीं, बल्कि कन्नड़ अस्मिता और क्षेत्रीय अधिकारों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी दबाव बनाया जा रहा है.
एक बॉर्डर, दो राज्य और क्षेत्रीय अस्मिता की सियासत
अट्टीबेले सिर्फ दो राज्यों के बीच एक सीमा चौकी नहीं है. यह बेंगलुरु और तमिलनाडु के बीच आने-जाने वाले हजारों वाहनों के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता है. ऐसे में यहां आवाजाही रोकने का सीधा असर यात्रियों, मालवाहक वाहनों और रोजाना सीमा पार करने वाले लोगों पर पड़ सकता है.
13 अगस्त को कर्नाटक बंद
आज बॉर्डर बंद करने की घटना कोई अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह एक चेतावनी है. मुख्य घटना 13 अगस्त को होने वाला राज्य-व्यापी बंद है, जो कर्नाटक की लंबे समय से चली आ रही कई मांगों को लेकर बुलाया गया है; इनमें मेकेदातु, महादायी और कलसा-बंदूरी प्रोजेक्ट शामिल हैं. नागराज का दावा है कि 2,000 से ज़्यादा कन्नड़ समर्थक संगठन पहले ही इस बंद का समर्थन कर रहे हैं और 13 तारीख तक यह संख्या 3,000 से ऊपर जाने की उम्मीद है. उन्होंने बेंगलुरु और मैसूर के होटल मालिकों से भी उस दिन अपने होटल बंद रखने को कहा है. मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने नागराज से बंद वापस लेने की अपील की थी. उस अपील को ठुकरा दिया गया.
एयरपोर्ट की धमकी से तनाव बढ़ा
तनाव तब और बढ़ गया जब नागराज से तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय जोसेफ के कर्नाटक दौरे के बारे में पूछा गया. नागराज ने एक कड़ी शर्त रखी: या तो मेकेदातु जलाशय प्रोजेक्ट का समर्थन करें, या फिर दूर रहें. नागराज ने कहा, “अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम एयरपोर्ट बंद कर देंगे और उन्हें कर्नाटक में उतरने नहीं देंगे.”
10 अगस्त को पूरे शहर में जाम लगने या कई जगहों पर ट्रैफिक जाम होने की खबरें अभी पक्की नहीं हैं; आज के लिए तय कार्रवाई सिर्फ अत्तिबेले क्रॉसिंग तक ही सीमित है. जो लोग उस रास्ते से यात्रा कर रहे हैं, उन्हें सुबह 11 बजे से शुरू होने वाले बंद के हिसाब से योजना बनानी चाहिए; बड़े पैमाने पर होने वाली रुकावट, अगर होती है, तो वह 13 अगस्त के लिए रखी गई है.

