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अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के मुताबिक, जांच में यह भी सामने आया है कि यह समूह दिल्ली के जंतर-मंतर तक पहुंचा था. पुलिस का दावा है कि वहां चल रहे धरने के दौरान आरोपियों को स्थानीय स्तर पर सपोर्ट और जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई गई थी. जांच एजेंसियों के अनुसार कथित हैंडलरों की ओर से उन्हें कुछ सामग्री भी मुहैया कराई गई. हालांकि, किसी वजह से समूह अपने कथित मंसूबे को अंजाम देने में कामयाब नहीं हो सका. इसके बाद सभी आरोपी पंजाब लौट गए. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जंतर-मंतर पर उन्हें किसने मदद पहुंचाई और उनके संपर्क में कौन-कौन लोग थे.

