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लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी NEET लीक और परीक्षा रद्द होने से प्रभावित छात्रों के परिवारों से लगातार मुलाकात कर रहे हैं. रविवार को भी राहुल गांधी तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात की है. अब जबकि संसद में पेपर लीक से निपटने के लिए कड़ा कानून पास हो गया है, फिर भी राहुल गांधी और अखिलेश यादव इस मुद्दे को क्यों जिंदा रखना चाह रहे हैं? क्या यूपी चुनाव 2027 तक राहुल-अखिलेश नीट पेपर लीक वाला मुद्दा उछालते रहेंगे?
लखनऊ. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी नीट परीक्षा में धांधली, पेपर लीक और अभ्यर्थियों की समस्याओं के मुद्दे को लगातार राष्ट्रीय पटल पर बनाए हुए हैं. रविवार को राहुल गांधी तमिलनाडु के उन पीड़ित युवा अभ्यर्थियों गोपिका, रोशनी और वेत्री आनंदन के परिजनों से मुलाकात की है, जिन्होंने परीक्षा रद्द होने और व्यवस्था से निराश होकर अपनी जान गंवा दी. पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने सीधा हमला बोला है. ऐसे में सवाल यह उठ रहा है कि संसद से जब कड़े कानून पास हो गए हैं तो राहुल गांधी नीट और पेपर लीक के मुद्दे को इतने आक्रामक ढंग से क्यों जीवित रखना चाहते हैं? क्या राहुल गांधी और अखिलेश यादव की उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर एक बेहद मजबूत राजनीतिक रणनीति तैयार की है?
राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए नीट का मुद्दा महज एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवा मतदाताओं से सीधे जुड़ने का एक जरिया है. राहुल गांधी लगातार युवाओं और मध्यम वर्ग से सीधा जुड़ाव रख रहे हैं. देश में मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र मध्यम व निम्न-मध्यम वर्ग से आते हैं. पेपर लीक और परीक्षाओं के रद्द होने से परिवारों का आर्थिक और मानसिक ढांचा प्रभावित होता है. ऐसे में राहुल गांधी इसे बड़ा हथियार बना रहे हैं.
राहुल गांधी क्यों NEET और पेपर लीक का मुद्दा नहीं छोड़ रहे?
राहुल गांधी अक्सर अपने भाषणों में ‘ईमानदार छात्रों को बेईमान सिस्टम की कीमत क्यों चुकानी पड़े’ बोलते रहते हैं. इस नैरेटिव के जरिए राहुल गांधी सरकार की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठा रहे हैं. छात्रों के परिवारों से व्यक्तिगत मुलाकात कर वे यह संदेश देना चाहते हैं कि विपक्ष हर मोड़ पर युवाओं के साथ खड़ा है.
LoP Shri @RahulGandhi met the families of Gopika, Roshini, and Vetri Anandan- three young medical aspirants from Tamil Nadu whose lives were lost following the NEET paper leak and the cancellation of the examination.

