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Suvendu Adhikari TMC Rebel MPs Meets: दिल्ली दौरे पर जा रहे पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के 20 बागी सांसदों की बैठक ने बंगाल से दिल्ली तक सियासी हलचल बढ़ा दी है. सांसद निधि (MPLADS) और मानसून सत्र में राज्य के मुद्दों पर समन्वय के बहाने हो रही यह मुलाकात TMC के खिलाफ एक बड़े रणनीतिक गठजोड़ का संकेत है. वहीं, अभिषेक बनर्जी और TMC नेताओं ने लोकसभा अध्यक्ष से दलबदल विरोधी कानून के तहत सांसदों पर कार्रवाई की मांग की है.
सुवेंदु अधिकारी अचानक दिल्ली आ रहे हैं.
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल देखने को मिल रहा है. सीएम सुवेंदु अधिकारी का अचानक दिल्ली दौरा और एनडीए के पाले में खड़े तृणमूल कांग्रेस (TMC) के करीब 20 बागी सांसदों से मुलाकात का संभावित कार्यक्रम केवल एक औपचारिक बैठक नहीं है बल्कि यह बंगाल की सियासत में एक नए और बड़े रणनीतिक गठजोड़ का संकेत दे रहा है. दिल्ली के बंग भवन में कल प्रस्तावित इस बैठक का आधिकारिक एजेंडा भले ही सांसद निधि (MPLADS) के सही इस्तेमाल और संसद के मानसून सत्र में बंगाल के विकास से जुड़े मुद्दों को उठाना बताया जा रहा हो लेकिन इसके सियासी मायने कहीं ज्यादा गहरे हैं. सुवेंदु अधिकारी की कोशिश है कि एनडीए से जुड़े इन बागी सांसदों के माध्यम से राज्य के प्रमुख इलाकों में सीधे केंद्रीय विकास योजनाओं को पहुंचाया जाए और टीएमसी के पारंपरिक वोट बैंक व प्रभाव वाले क्षेत्रों में एक समानांतर ताकत खड़ी की जाए.
टीएमसी की कानूनी चुनौती
इस बैठक के जरिए सुवेंदु अधिकारी बागी सांसदों के साथ एक मजबूत समन्वय तंत्र बनाना चाहते हैं. इससे सांसदों को यह भरोसा भी मिलेगा कि केंद्र और राज्य स्तर पर उनकी राजनीतिक स्थिति सुरक्षित है. हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने तृणमूल कांग्रेस की बेचैनी बढ़ा दी है. टीएमसी के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और महुआ मोइत्रा ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर इन बागी सांसदों के खिलाफ दलबदल विरोधी कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की है.
लोकसभा में इन सांसदों को अलग बैठने की अनुमति तो मिल गई है लेकिन औपचारिक विलय या स्वतंत्र गुट की मान्यता पर फैसला होना बाकी है. ऐसे संवेदनशील वक्त में सुवेंदु अधिकारी का दिल्ली आकर सांसदों से मिलना यह साफ दिखाता है कि बंगाल से लेकर दिल्ली तक भाजपा और विरोधी खेमा टीएमसी को घेरने के लिए किसी भी मौके को हाथ से जाने नहीं देना चाहता.
सवाल-जवाब
सुवेंदु अधिकारी के अचानक दिल्ली दौरे और बागी सांसदों से मिलने का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य बागी सांसदों के MPLADS फंड को बंगाल की प्राथमिकताओं के साथ जोड़ना, मानसून सत्र में राज्य के मुद्दे उठाना और टीएमसी के खिलाफ एक मजबूत राजनीतिक समन्वय स्थापित करना है.
बागी सांसदों की इस नई गोलबंदी पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) का क्या रुख है?
टीएमसी ने इसे गंभीरता से लेते हुए लोकसभा अध्यक्ष से दलबदल विरोधी कानून के तहत इन सांसदों की सदस्यता रद्द करने की मांग की है.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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