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केंद्र सरकार प्रश्नपत्र लीक रोधी कानून को और मजबूत करने के लिए लोकसभा में एक विधेयक पेश करने वाली है. जिसमें दोषियों के खिलाफ सख्त सजा का प्रावधान किया गया है. सीजेपी प्रोटेस्ट के बाद सरकार ने कानून में संशोधन करने जा रही है.
एनडीए की तरफ से पांच सांसद बिल पर अपनी बात रखेंगे. (फाइल फोटो)
नई दिल्ली. लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) अधिनियम, 2024 में संशोधन करने वाला एक विधेयक सोमवार को संसद में पेश किया जाएगा, जिसमें प्रश्नपत्र लीक से संबंधित अपराधों के लिए कारावास की अवधि को 10 साल तक और जुर्माने को 10 करोड़ रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव है. लोकसभा में करीब बारह बजे केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह ‘द पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मींस अमेंडमेंट बिल 2026 पेश करेंगे. निचले सदन में एनडीए की ओर से इस बिल पर बोलने वाले प्रमुख स्पीकर अपना दल से अनुप्रिया पटेल, शिवसेना से श्रीकांत शिंदे, एलजेपी से अरुण भारती, एनसीपीसीआई से सायोनी घोष और टीडीपी के कृष्णा देवरायुलू होंगे.
हालांकि, विपक्ष के अब भी सरकार पर हमलावर रहने के आसार हैं. कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और सरकार द्वारा अन्य मांगें स्वीकार किए जाने के बाद शनिवार को अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया था. लेकिन कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का रुख पीछे हटने का नहीं है. विपक्ष ने कहा है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर वह अपना विरोध जारी रखेंगे.
विधेयक को पेश किए जाने से पहले सदस्यों को वितरित की गई इसकी प्रति के अनुसार, परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक या अनुचित साधनों का प्रयोग करने वाले व्यक्तियों को कम से कम पांच साल और अधिकतम 10 साल की कैद और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. संगठित अपराधों के लिए विधेयक में कम से कम सात वर्ष की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रस्ताव है.
विधेयक के अनुसार, सभी जांच दो महीने के भीतर पूरी करनी होंगी. सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को त्वरित अदालतें स्थापित करने का निर्देश दिया जाएगा, जो मुकदमों की सुनवाई तेजी से करेंगी और आरोप पत्र दाखिल होने के तीन महीने के भीतर मुकदमे की कार्यवाही पूरी करेंगी.
सरकार ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के मुद्दे पर सीजेपी के नेतृत्व में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के तेज होने के बाद प्रस्तावित कानून लाने की घोषणा की थी. नीट के मुद्दे पर विपक्षी दलों के विरोध के कारण संसद सत्र के पहले सप्ताह की कार्यवाही बाधित रही थी.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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