गांधीनगर. गुजरात में कई दिनों की भारी बारिश के बाद राहत और पुनर्वास का काम जारी है और 42,000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया गया है. शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, हालिया बाढ़ में 308 मवेशियों की मौत हुई है. मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शनिवार देर शाम गांधीनगर में स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन्स सेंटर (एसईओसी) में बारिश की बदलती स्थिति और राहत कार्यों की समीक्षा की. उनके साथ मुख्य सचिव एमके. दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) डॉ. जयंती रवि और राहत आयुक्त गौरव मकवाना भी मौजूद थे.
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एहतियात के तौर पर राज्य भर के जोखिम वाले इलाकों से अब तक कुल 42,158 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. दक्षिण गुजरात में बारिश कम होने के साथ ही, राज्य का तत्काल ध्यान बचाव कार्यों से हटकर प्रभावित जिलों में राहत और पुनर्वास कार्यों पर केंद्रित हो गया है.
मुख्यमंत्री को बताया गया कि प्रभावित परिवारों को नकद सहायता देने का काम शुरू हो गया है और घर-गृहस्थी से जुड़ी मदद भी जल्द से जल्द दी जाएगी. बैठक में पेश शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, हाल ही में हुई भारी बारिश की वजह से पूरे गुजरात में 308 मवेशियों की मौत हुई है. अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि अगले 24 घंटों में उत्तरी गुजरात के पाटन, मेहसाणा, वाव-थराद और बनासकांठा जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है.
इसके जवाब में, स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) और स्टेट डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एसडीआरएफ) की टीमें पहले ही तैनात कर दी गई हैं. मुख्यमंत्री ने प्रभावित इलाकों के जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने और यह पक्का करने का निर्देश दिया कि भारी बारिश की आशंका को देखते हुए सभी जरूरी एहतियाती उपाय किए जाएं. उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि बाढ़ का पानी उतरते ही प्रभावित इलाकों में हालात सामान्य करने के लिए तुरंत सफाई अभियान, सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय और नुकसान का आकलन करने वाले सर्वे शुरू किए जाएं.
दो दिनों में 35 लोगों की मौत
गुजरात में पिछले दो दिनों के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में 35 लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने बताया कि राज्य में बारिश कम होने के साथ ही प्रशासन ने नुकसान के आकलन और बाढ़ के बाद सफाई का काम तेज कर दिया है. अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 29 मौतें सबसे अधिक प्रभावित वलसाड और नवसारी जिलों में हुई हैं. उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोगों की मौत डूबने और तेज बहाव में बह जाने से हुई. नवसारी के जिलाधिकारी मनीष गुरवानी ने बताया कि जिले में अब तक 19 शव बरामद किए जा चुके हैं.
उन्होंने बताया, “हमने 14,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय तैराकों और जिला प्रशासन की टीमों ने 1,200 स्थानों पर विशेष बचाव अभियान चलाया. भारतीय तटरक्षक बल ने मेंधर-गणदेवी क्षेत्र से विशेष रूप से झींगा पालन करने वाले किसानों सहित 60 लोगों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला.”
173 तालुकों में पिछले 24 घंटे में 250 मिमी से अधिक बारिश हुई
गुजरात के पाटन जिले के संतालपुर और राधनपुर तालुकों में शनिवार सुबह छह बजे तक, पिछले 24 घंटों के दौरान 340 मिलीमीटर से अधिक बारिश हुई, हालांकि राज्य में वर्षा की समग्र तीव्रता में कमी आई है. अधिकारियों ने हालांकि अगले दो दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर सतर्कता बढ़ा दी है. मौसम विभाग ने इन क्षेत्रों के लिए ‘रेड’ और ‘ऑरेंज’ अलर्ट जारी किया है. इस बीच, प्रभावित जिलों में सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राहत और पुनर्बहाली का कार्य जारी है.
उन्होंने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे समाप्त हुए पिछले 24 घंटों के दौरान पाटन, वाव-थराद और खेड़ा जिलों में भारी बारिश हुई.. इस अवधि में पाटन जिले के संतालपुर तालुका में 381 मिलीमीटर और राधनपुर तालुका में 342 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई. वहीं, वाव-थराद के भाभर में 287 मिलीमीटर बारिश हुई.
राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शनिवार सुबह 6 बजे तक के पिछले 24 घंटों में राज्य के 34 जिलों में बारिश हुई, जिनमें से 173 तालुकाओं में 250 मिलीमीटर (मिमी) से अधिक वर्षा दर्ज की गई. वाव-थराद और पाटन जिलों में बचाव एवं राहत कार्यों के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीम को तैनात किया गया है. वहीं, भारी बारिश से बुरी तरह प्रभावित अहमदाबाद में जनजीवन धीरे-धीरे सामान्य हो रहा है. नवसारी और अहमदाबाद जिलों में एनडीआरएफ की तीन-तीन टीम तैनात की गई हैं.
राज्य के प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ की कुल 18 और राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की कुल 32 टीम को तैनात किया गया है. कई स्थानों पर राहत एवं बचाव कार्यों में सेना और तटरक्षक बल भी शामिल हो गए हैं. अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ की एक टीम ने अहमदाबाद जिले के धोलका तालुका में बाढ़ के पानी में फंसे 103 लोगों को सुरक्षित निकाला. एक अन्य अभियान में एनडीआरएफ के जवानों ने नवसारी जिले के गांवों से 120 लोगों को बचाया और 43 अन्य लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया. अधिकारियों के अनुसार, एनडीआरएफ ने इन गांवों से दो शव भी बरामद किए हैं.

