Last Updated:
Dragon Fruit Monsoon Care Tips: ड्रैगन फ्रूट की खेती पिलर सिस्टम पर की जाती है, जिसपर बेहतर ग्रोथ के लिए अधिकतम चार पौधे ही लगाए जाते हैं. मॉनसून में लगातार होने वाली बारिश से पौधों में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है.इससे बचाव के लिए समय-समय पर पौधों का निरीक्षण करना जरूरी है. यदि समय रहते फंगस की पहचान हो जाए, तो नुकसान से बचा जा सकता है.
पश्चिम चम्पारण: जुलाई से लेकर अक्टूबर महीने तक ड्रैगन फ्रूट की हार्वेस्टिंग का समय होता है.इस दौरान किसानों को पौधे और फसल का खास ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि बरसात में लगातार हो रही बारिश की वजह से पौधों में फंगस जनित रोग का खतरा बढ़ जाता है.इतना ही नहीं, अधिक बारिश या जलजमाव की वजह से पौधे गलने भी लगते हैं, जिससे किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है.इन सभी समस्याओं के निवारण के लिए आज हम आपको हार्वेस्टिंग से पहले ड्रैगन फ्रूट की देख रेख की वो विधि बता रहे हैं, जो ग्रोथ को बढ़ाकर उत्पादन को बेहतर कर सकती है.
फंगल इन्फेक्शन की पहचान
ज़िले के माधोपुर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ.अभिषेक प्रताप सिंह बताते हैं कि, ड्रैगन फ्रूट की खेती पिलर सिस्टम पर की जाती है, जिसपर बेहतर ग्रोथ के लिए अधिकतम चार पौधे ही लगाए जाते हैं. मॉनसून में लगातार होने वाली बारिश से पौधों में फंगस लगने का खतरा बढ़ जाता है.इससे बचाव के लिए समय-समय पर पौधों का निरीक्षण करना जरूरी है. यदि समय रहते फंगस की पहचान हो जाए, तो नुकसान से बचा जा सकता है.
बचाव के आसान उपाय
पौधों को फंगल संक्रमण से बचाने के लिए कार्बेंडाजिम या मैंकोजेब का पानी में घोल बनाकर छिड़काव किया जा सकता है. यदि किसी पौधे के हिस्से में फंगस लग जाए, तो उस संक्रमित भाग को तुरंत काटकर अलग कर देना चाहिए. कटे हुए स्थान पर कॉपर आधारित फफूंदनाशक का पेस्ट जरूर लगाना चाहिए. इससे संक्रमण आगे नहीं फैलता है.
बारिश से बचाव के लिए करें यह काम
बरसात के मौसम में खेतों में खरपतवार तेजी से बढ़ते हैं. ये पौधों के लिए जरूरी पोषक तत्वों को अवशोषित कर लेते हैं. इससे ड्रैगन फ्रूट के पौधों की बढ़वार प्रभावित होती है. इसलिए समय-समय पर खरपतवार की सफाई करना बेहद जरूरी है.वैज्ञानिकों का कहना है कि यदि पौधों में फूल आ रहे हों, तो उन्हें तेज बारिश से बचाना चाहिए. लगातार बारिश से फूलों को नुकसान पहुंच सकता है. ऐसे में फूलों को हल्की पारदर्शी पॉलीथीन शीट से ढक देना बेहतर रहेगा. इससे फूल सुरक्षित रहेंगे और अच्छी गुणवत्ता के फल मिलने की संभावना बढ़ जाएगी.
हार्वेस्टिंग का उचित समय
ध्यान रहे कि जब फल का बाहरी हरा रंग बदलकर पूरी तरह लाल या गुलाबी हो जाए, तो उसके सात दिन बाद हार्वेस्टिंग करना उचित माना जाता है.पकने के बाद इसकी हार्वेस्टिंग का सिलसिला जून से हो शुरू हो जाता है, लेकिन पौधे और फल की स्थिति के अनुसार इसे जुलाई से लेकर नवंबर तक हार्वेस्ट किया जा सकता है.
About the Author
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…
और पढ़ें

