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कनेर का फूल धार्मिक महत्व के साथ आयुर्वेद में भी खास स्थान रखता है. आयुष विशेषज्ञ के अनुसार इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, लेकिन यह एक विषाक्त पौधा भी है. इसलिए इसका सेवन या औषधीय उपयोग केवल योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह और निगरानी में ही करना चाहिए.
रायबरेली: बदलते वक्त के साथ ही हमारे जीवन शैली में भी काफी बदलाव हो रहे हैं. इसी बदलाव के चलते हमें स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ती जा रही हैं. इन स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से निजात पाने के लिए लोग सामान्य तौर पर अंग्रेजी दवाओं के ऊपर निर्भर रहते हैं, लेकिन इससे इतर आयुर्वेदिक दवाएं हमारे शरीर के लिए बेहद कारगर होती हैं और यह हमारे शरीर को नुकसान भी नहीं पहुंचाती हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही आयुर्वेदिक औषधि के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसका धर्म ग्रंथों में बड़ा ही पौराणिक महत्व होने के साथ ही हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है.
दरअसल, हम बात कर रहे हैं कनेर के फूल की, जिसे धर्म ग्रंथो में भगवान शिव और विष्णु का अति प्रिय पुष्प माना गया है. वहीं आयुर्वेद में यह एक औषधि के रूप में जाना जाता है. रायबरेली की आयुष चिकित्सक डॉ स्मिता श्रीवास्तव (बीएएमएस लखनऊ विश्वविद्यालय) लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि कनेर को पीत करवीर या दिव्य फूल के रूप में जाना जाता है. यह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. क्योंकि इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं.
इन बीमारियों से दिलाता है राहत
कनेर का फूल देखने में जितना सुंदर होता है यह उतना ही औषधि गुणों से भरपूर होता है. यह हमें सर दर्द, फोड़े फुंसियों, दांत दर्द, महिलाओं को पीरियड्स के दिनो मे होने वाले दर्द से भी राहत दिलाता है.बाल झड़ने की समस्या से राहत दिलाता है.
ऐसे करें उपयोग
डॉ स्मिता श्रीवास्तव बताती हैं कि कनेर का फूल विषाक्त होता है. परंतु हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद होता है. यह औषधि गुणों से भरपूर होता है अगर आपके शरीर में दाद खाज खुजली या सफेद दाग है तो इसका लेप बनाकर शरीर में लगाने से इससे राहत मिलती है साथ ही इसका काढ़ा बनाकर पीने से महिलाओं को पीरियड्स के दर्द से राहत दिलाता है. इसके बीज में हदय पर कार्य करने वालेग्लाइकोसाइडों तथा कैरोबिन स्कोपोलिन हैं पतियों में मुख्य हृदय पदार्थ ओलिएंड्रिन पाया जाता हैं पीले कनेर में पेरुबोसाइड आदि पाये जाते हैं.
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विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

