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पश्चिम बंगाल में जब से बीजेपी सत्ता में आई है, कई बड़े बदलावों की ओर बढ़ रही है. अब कोलकाता, हावड़ा और अन्य दो जिलों को भीषण ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार रिंग रोड का प्रस्ताव लेकर आई है. यह रिंग रोड करोड़ों बंगालियों की जिंदगी को आसान कर देगा. सबसे खास बात है कि यह राज्य का पहला रिंग रोड होगा.
पश्चिम बंगाल में सत्ता में आने के बाद से भाजपा सरकार लगातार बड़े फैसले ले रही है.साथ ही राज्य में पहले से चल रही परेशानियों को चुन-चुनकर खत्म कर रही है. अब इसी दिशा में सीएम सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता को ट्रैफिक जाम फ्री बनाने के लिए नया इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट के तहत कोलकाता सहित पश्चिम बंगाल के चार बड़े जिलों को घेरते हुए एक रिंग रोड बनाया जाएगा.
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का यह बड़ा फैसला करोड़ों बंगालियों की लाइफलाइन बनने जा रहा है. दरअसल कोलकाता और हावड़ा में अक्सर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति रहती है, ऐसे में इस पहले रिंग रोड के बनने से बहुत सारा ट्रैफिक शहर से बायपास हो जाएगा और शहरों के अंदर न घुसने से जाम से भारी राहत मिलेगी.
कोलकाता के साथ-साथ हावड़ा और उत्तरी, दक्षिणी परगना के करोड़ों लोगों को जाम की समस्या से बड़ी निजात मिलने वाली है. शहर के प्रशासन ने कोलकाता रिंग रोड प्रोजेक्ट नाम से एक नया बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट प्रस्तावित किया है.यह प्रोजेक्ट राज्य के शहरी विकास विभाग के छह महीने के एक्शन प्लान का हिस्सा है. इसका मकसद शहर की यातायात व्यवस्था को पूरी तरह बदलना है.
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बंगाल सरकार ने इस रिंग रोड को बनाने के लिए आईआईटी की मदद ली है. आईआईटी खड़गपुर इस रिंग रोड का नक्शा तैयार करने से लेकर इसकी फीजिबिलिटी स्टडी करेगा और रोड के लेआउट पर विशेषज्ञों का पैनल सलाह भी देगा. यह पूरा प्रोजेक्ट आईआईटी वैज्ञानिकों की निगरानी में पूरा किया जाएगा.
इस रिंग रोड को चार जिलों के बीच में 4 से 6 लेन की चौड़ी सड़क के रूप में बनाया जाएगा. यह चार महत्वपूर्ण जिलों को घेरते हुए बाहरी ओरबिटल कॉरिडोर बनेगा, जिस पर गाड़ियां निर्बाध गति से दौड़ सकेंगी. यह रोड कोलकाता, हावड़ा, उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना जिलों को कवर करते हुए बनेगा.
इस रिंग रोड का मुख्य उद्देश्य इंटर-डिस्ट्रिक्ट यातायात और भारी माल ढुलाई वाले वाहनों को शहर के अंदर आने से रोकना है. ये वाहन बाहरी सड़क से घूमकर जा सकेंगे. लंबी दूरी के यात्री और ट्रक शहर के बीच वाले इलाकों को पूरी तरह बायपास कर सकेंगे, जिससे स्थानीय ट्रैफिक जाम बहुत कम हो जाएगा.
सबसे खास बात है कि दिल्ली, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहर पहले से ही इसी तरह की रिंग रोड का इस्तेमाल कर रहे हैं. ऐसे में अब कोलकाता भी अब इसी दिशा में आगे बढ़ रहा है.
प्रस्तावित रूट अभी शुरुआती चरण में है, लेकिन अधिकारी मौजूदा एक्सप्रेसवे को जोड़कर जरूरी गैप को पूरा करने की योजना बना रहे हैं.

