गाजीपुर: क्या आप बिजली के भारी-भरकम बिल से परेशान हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए राहत भरी हो सकती है. गाजीपुर में ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के तहत कैंप का आयोजन किया गया है, जहां लोग सोलर पैनल लगवाने के लिए आवेदन कर सकते हैं. गाजीपुर में इस योजना को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है.
हनुमत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि प्रदीप कुशवाहा का दावा है कि उनकी कंपनी के माध्यम से पात्र उपभोक्ताओं को 2 किलोवाट तक का सोलर सिस्टम बिना किसी शुरुआती भुगतान के उपलब्ध कराया जा रहा है. हालांकि, उपभोक्ताओं को आवेदन करने से पहले योजना की पूरी प्रक्रिया, पात्रता और शर्तों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए.
क्या है ऑफर?
हनुमत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि प्रदीप कुशवाहा ने बताया कि 22 जून से शुरू हुआ यह कैंप 10 जुलाई तक चलेगा. इसके तहत पात्र उपभोक्ताओं के घरों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं. योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जिनके नाम पर बिजली कनेक्शन दर्ज है.
कौन उठा सकता है योजना का लाभ?
उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ वही व्यक्ति ले सकता है, जिसके नाम पर घरेलू बिजली कनेक्शन है. आवेदन के समय बिजली बिल, आधार कार्ड, बैंक खाते का विवरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं. पात्रता की जांच के बाद ही सोलर सिस्टम लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाती है.
कैसे काम करेगी यह स्कीम?
सब्सिडी का गणित: इस योजना में सरकार की ओर से 90,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. बाकी का खर्च हनुमत रिन्यूएबल्स प्राइवेट लिमिटेड वहन करने का दावा कर रही है, जिससे उपभोक्ता पर कोई शुरुआती वित्तीय बोझ नहीं पड़ता.
वारंटी: पैनलों पर 25 वर्ष की वारंटी उपलब्ध कराई जा रही है.
तकनीक: ये सोलर पैनल बाइफेशियल (Bi-facial) तकनीक पर आधारित हैं. यानी ये सीधे सूर्य की किरणों के साथ-साथ छत से परावर्तित (रिफ्लेक्ट) होने वाली रोशनी से भी बिजली बना सकते हैं. यह सिस्टम ऑन-ग्रिड और हाइब्रिड, दोनों मोड में काम करता है.
ध्यान दें: सरकार की सब्सिडी निर्धारित नियमों और पात्रता के अनुसार ही जारी की जाती है. आवेदन करने से पहले योजना की सभी शर्तों की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें.
फायदे
प्रदीप कुशवाहा के अनुसार, इस सिस्टम के लगने से बिजली विभाग पर लोड कम होगा और पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा. उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार बिजली का उपयोग कर सकेंगे. यदि अतिरिक्त बिजली उत्पन्न होती है, तो उसे बिजली विभाग को बेचने की भी सुविधा मिल सकती है, जिससे बिजली बिल में बड़ी कटौती संभव है.
रजिस्ट्रेशन के लिए कहाँ संपर्क करें?
गाजीपुर के लोग निम्न स्थानों पर जाकर रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं-
विकास भवन के पास आयोजित विशेष कैंप
सैनिक चौराहा, फैमिली मार्ट के सामने स्थित कार्यालय
2 किलोवाट सोलर सिस्टम क्या होता है?
2 किलोवाट (2 kW) का सोलर सिस्टम मध्यम आकार का रूफटॉप सिस्टम माना जाता है. यह सामान्य परिवार की रोजमर्रा की बिजली जरूरतों, जैसे पंखा, एलईडी लाइट, टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन और कुछ अन्य उपकरणों को चलाने में सहायक हो सकता है. वास्तविक बिजली उत्पादन मौसम, धूप और स्थान पर निर्भर करता है.
ऑन-ग्रिड और हाइब्रिड सिस्टम क्या है?
प्रदीप कुशवाहा ने बताया कि कंपनी ऑन-ग्रिड हाइब्रिड सिस्टम उपलब्ध करा रही है.
ऑन-ग्रिड सिस्टम सीधे बिजली विभाग (ग्रिड) से जुड़ा रहता है. दिन में सोलर से बनी बिजली का पहले घर में उपयोग होता है. यदि अतिरिक्त बिजली बचती है, तो उसे ग्रिड में भेजा जा सकता है. जरूरत पड़ने पर बिजली फिर ग्रिड से ली जा सकती है.
हाइब्रिड सिस्टम में ग्रिड के साथ बैटरी का विकल्प भी जोड़ा जाता है. इससे बिजली कटने की स्थिति में भी कुछ समय तक बिजली उपलब्ध रहती है. यह उन क्षेत्रों के लिए उपयोगी माना जाता है, जहां बिजली कटौती अधिक होती है.
बाइफेशियल सोलर पैनल क्या है?
उन्होंने बताया कि कंपनी बाइफेशियल सोलर पैनल लगा रही है. बाइफेशियल का अर्थ है कि पैनल की दोनों सतहें सूर्य के प्रकाश का उपयोग कर सकती हैं. सामने की सतह सीधे सूर्य की किरणों से बिजली बनाती है, जबकि पीछे की सतह जमीन या छत से परावर्तित (रिफ्लेक्ट) होने वाली रोशनी का भी उपयोग करती है. इससे सामान्य सोलर पैनलों की तुलना में अधिक ऊर्जा उत्पादन की संभावना रहती है, बशर्ते इंस्टॉलेशन सही तरीके से किया गया हो.
25 साल की वारंटी का क्या मतलब है?
कंपनी का कहना है कि पैनलों पर 25 वर्ष की परफॉर्मेंस वारंटी दी जाती है. इसका यह मतलब नहीं है कि 25 वर्षों तक पैनल में कोई खराबी नहीं आएगी, बल्कि इसका अर्थ यह है कि निर्धारित अवधि तक पैनल तय मानकों के अनुसार बिजली उत्पादन करने में सक्षम रहेंगे. अलग-अलग उपकरणों, जैसे इन्वर्टर आदि की वारंटी अवधि अलग हो सकती है.

