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कानपुर विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह का कहना है कि घर बनाने का सपना देखने वाले लोगों को सबसे पहले जमीन के सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए. यह सुनिश्चित करें कि जमीन पर किसी तरह का मुकदमा, स्टे ऑर्डर, बैंक का कर्ज या किसी अन्य प्रकार का कानूनी विवाद लंबित न हो. जमीन का मालिक वही व्यक्ति हो जो उसे बेच रहा है और उसके सभी दस्तावेज सही हों. अगर किसी प्राइवेट बिल्डर या कॉलोनाइजर से प्लॉट खरीद रहे हैं तो उससे विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शा और लेआउट जरूर मांगें. बिना स्वीकृत नक्शे वाली कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है.
कानपुर: कानपुर में पिछले छह महीनों के दौरान हुई कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि बिना पूरी जांच-पड़ताल के जमीन खरीदना भारी नुकसान का कारण बन सकता है. पिछले छह महीनों में कानपुर के अलग-अलग इलाकों में करीब 1500 एकड़ से अधिक क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों और निर्माण पर विकास प्राधिकरण का बुलडोजर चला. इस कार्रवाई में कई ऐसे लोग भी प्रभावित हुए जिन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदा था, लेकिन बाद में पता चला कि जमीन नियमों के अनुरूप नहीं थी. ऐसे मामलों में लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी.
जमीन खरीदने से पहले जरूर करें ये जांच
कानपुर विकास प्राधिकरण के विशेष कार्याधिकारी डॉ. रवि प्रताप सिंह का कहना है कि घर बनाने का सपना देखने वाले लोगों को सबसे पहले जमीन के सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करनी चाहिए. यह सुनिश्चित करें कि जमीन पर किसी तरह का मुकदमा, स्टे ऑर्डर, बैंक का कर्ज या किसी अन्य प्रकार का कानूनी विवाद लंबित न हो. जमीन का मालिक वही व्यक्ति हो जो उसे बेच रहा है और उसके सभी दस्तावेज सही हों. अगर किसी प्राइवेट बिल्डर या कॉलोनाइजर से प्लॉट खरीद रहे हैं तो उससे विकास प्राधिकरण द्वारा स्वीकृत नक्शा और लेआउट जरूर मांगें. बिना स्वीकृत नक्शे वाली कॉलोनियों में प्लॉट खरीदना भविष्य में बड़ी परेशानी का कारण बन सकता है. कई बार ऐसी कॉलोनियां तय मानकों के अनुसार विकसित नहीं होतीं और बाद में उन पर कार्रवाई हो सकती है.
सस्ती जमीन के लालच में न लें बड़ा फैसला
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार से बहुत कम कीमत पर मिलने वाली जमीन हमेशा सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है. इसलिए केवल कम कीमत देखकर फैसला न करें. यह भी जांच लें कि जमीन आवासीय उपयोग के लिए मान्य है या नहीं. सड़क, बिजली, पानी, सीवर और अन्य मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता की भी जानकारी लें.जमीन खरीदने से पहले उसके रजिस्ट्री रिकॉर्ड, खतौनी और अन्य सरकारी अभिलेखों का मिलान करना भी जरूरी है. यदि किसी दस्तावेज में संदेह हो तो कानूनी सलाह लेने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करना चाहिए.
KDA की योजनाएं हो सकती हैं सबसे सुरक्षित विकल्प
डॉ. रवि प्रताप सिंह का कहना है कि यदि खरीदार पूरी तरह सुरक्षित निवेश चाहते हैं तो कानपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं में उपलब्ध प्लॉट या फ्लैट खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है. प्राधिकरण की सभी योजनाएं तय मानकों के अनुसार विकसित की जाती हैं और उनके सभी आवश्यक अनुमोदन पहले से होते हैं. इससे भविष्य में किसी प्रकार के कानूनी विवाद या कार्रवाई का खतरा काफी कम हो जाता है. घर खरीदना किसी भी परिवार के लिए जीवन का सबसे बड़ा निवेश होता है. ऐसे में जल्दबाजी या किसी के बहकावे में आकर फैसला लेने के बजाय हर दस्तावेज की जांच करें, स्वीकृत नक्शा देखें, जमीन की कानूनी स्थिति की पुष्टि करें और पूरी तरह संतुष्ट होने के बाद ही निवेश करें. थोड़ी सी सावधानी आपकी वर्षों की मेहनत की कमाई को सुरक्षित रख सकती है और आपके अपने घर का सपना बिना किसी परेशानी के पूरा हो सकता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

