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यूपी का अमरोहा जनपद अपने रसीले आमों के लिए देश-दुनिया में मशहूर है. यहां के दशहरी लंगड़ा चौसा की मिठास गल्फ देशों तक पहुंचती है. हर साल दुबई कुवैत सऊदी कतर से बड़ी डिमांड आती है. इस बार भी विदेशों से बेहतरीन ऑर्डर मिले हैं. अमरोहा के किसान और व्यापारी क्वालिटी पैकिंग के साथ आम एक्सपोर्ट कर रहे हैं. गल्फ कंट्रीज में बसे भारतीय परिवार इस गर्मी में अमरोहा के आम का बेसब्री से इंतजार करते हैं. यहाँ की मिट्टी और जलवायु आम को खास स्वाद देती है. इस बार भी टनों आम हवाई जहाज से दुबई कुवैत भेजे जा रहे हैं. जिससे जिले को पहचान और किसानों को मुनाफा मिल रहा है.
मुरादाबादः यूपी का अमरोहा जनपद अपने रसीले आमों के लिए देश-दुनिया में मशहूर है. यहां के दशहरी लंगड़ा चौसा की मिठास गल्फ देशों तक पहुंचती है. हर साल दुबई कुवैत सऊदी कतर से बड़ी डिमांड आती है. इस बार भी विदेशों से बेहतरीन ऑर्डर मिले हैं. अमरोहा के किसान और व्यापारी क्वालिटी पैकिंग के साथ आम एक्सपोर्ट कर रहे हैं. गल्फ कंट्रीज में बसे भारतीय परिवार इस गर्मी में अमरोहा के आम का बेसब्री से इंतजार करते हैं. यहाँ की मिट्टी और जलवायु आम को खास स्वाद देती है. इस बार भी टनों आम हवाई जहाज से दुबई कुवैत भेजे जा रहे हैं. जिससे जिले को पहचान और किसानों को मुनाफा मिल रहा है.
12 हजार हेक्टेयर है आम का रकवा
डॉ. विनीत कुमार उपनिदेशक उद्यान मुरादाबाद मंडल ने बताया कि मुरादाबाद मंडल के अंतर्गत अमरोहा जनपद आता है. यह आम का फल पट्टी क्षेत्र कहा जाता है. इस क्षेत्र में 12000 हेक्टेयर आम का रकबा है. इसमें जो प्रमुख प्रजातियां हैं जिसमें लंगड़ा, दशहरी, चौसा ये इसकी प्रमुख प्रजाति है. इसके अलावा अमरोहा में लोकल वेरायटी भी बहुत है. इसके साथ ही अगर निर्यात की बात की जाए तो दशहरी, लंगड़ा, चौसा, ये मुख्य रूप से यहां से निर्यात किया जाता है. पिछले साल भी और इस साल भी दोनों साल लगातार गल्फ कंट्री से यहां के आम की डिमांड आई है. उन्होंने कहा कि सबसे ज्यादा दुबई,गल्फ कंट्री, संयुक्त अरब अमीरात मैं मुख्य रूप से ज्यादा आम भेजे जाते हैं.
800 मेट्रिक टन का मिला आर्डर
इसके साथ-साथ जो हमारे दक्षिण पूर्व एशिया की अलग कंट्री जैसे मलेशिया है. वहां भी आम भेजे जाते हैं. कुछ मात्रा में जापान भी आम यहीं से भेजा गया है. बताया गया है कि यहां पर 800 मेट्रिक टन के निर्यातक हैं. जिसमें मुख्य रूप से जनपद में दो निर्यातक हैं. जिसमें नदीम सिद्दीकी और इशांत सैनी शामिल है. इन दोनों निर्यातकों के पास 800 मीट्रिक टन के आर्डर विदेश से आ गए हैं. इसके अलावा अमरोहा मंडी में पैक हाउस की भी व्यवस्था की गई है. जहां पर निर्यात पर भेजने के लिए आम का जो भी ट्रीटमेंट किया जाता है. वह सभी व्यवस्था वहां पर मौजूद रहती है. जिससे आम खराब ना हो और आम को सही प्रकार से और अच्छी क्वालिटी में विदेशों को पहुंचाया जा सके. इसके साथ ही यदि कोई व्यक्ति विदेश भेजना चाहता है तो वह उद्यान विभाग की मदद से ही विदेश भेज सकता है. उद्यान विभाग से संपर्क कर अपने आम का विदेश में एक्सपोर्ट कर सकता है.
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मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

