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Profitable Guava Cultivation Tips: देवघर के प्रगतिशील किसान अंबिका कुशवाहा ने कम जमीन में बंपर कमाई का सुपरहिट फॉर्मूला साझा किया है. उनके अनुसार अमरूद की उन्नत किस्मों की वैज्ञानिक खेती कर किसान मात्र एक कट्ठा जमीन से सालाना 1.5 से 2 लाख रुपये तक का शुद्ध मुनाफा कमा सकते हैं. मजबूत मार्केट डिमांड के कारण इस फसल को बिना बिचौलियों के सीधे बाजार में बेचना बेहद आसान है.
देवघर: खेती से अच्छी कमाई करना चाहते हैं? तो ऐसी फसल की तलाश में हैं जिसमें खर्च कम और मुनाफा ज्यादा हो. आपके लिए अमरूद की बागवानी बेहतर विकल्प साबित हो सकती है. देवघर के किसान और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि आज के समय में कई किसान पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं. उनमें अमरूद सबसे ज्यादा मुनाफा देने वाली फसलों में शामिल है. सही किस्म का चुनाव, वैज्ञानिक तरीके से पौधों की देखभाल और अच्छी मार्केट मिलने पर किसान एक कठा अमरूद के बाग से सालाना करीब 3 लाख रुपये तक की कमाई कर सकते हैं. खर्च निकालने के बाद करीब 2 लाख रुपये तक का मुनाफा भी संभव है. यही वजह है कि अब देवघर के कई किसान भी धीरे-धीरे अमरूद की खेती की ओर रुख कर रहे हैं.
क्या कहते है किसान सह कृषि विशेषज्ञ
देवघर के किसान सह कृषि विशेषज्ञ अम्बिका कुशवाहा ने लोकल 18 के संवाददाता से बात करते हुए कहा कि देवघर की मिट्टी और यहां का मौसम अमरूद की खेती के लिए काफी अनुकूल माना जाता है. मैंने एक कठे में इलाहबादी और ताइवान पिंक की खेती की है. उन्होंने कहा कि अगर किसान शुरुआत से ही अच्छी और उन्नत किस्म के पौधे लगाते हैं. वैज्ञानिक तरीके से बागवानी करते हैं, तो उन्हें बेहतरीन उत्पादन मिलता है. उनका कहना है कि कई किसान आम की बागवानी करते हैं, लेकिन आज के समय में अमरूद की खेती कई मामलों में ज्यादा फायदेमंद साबित हो रही है. अमरूद की मांग पूरे साल बनी रहती है और इसकी बिक्री भी आसानी से हो जाती है, जिससे किसानों को अच्छा दाम मिलता है.
अमरुद की ये किस्म है बेहद उन्नत
अम्बिका कुशवाहा ने बताया कि अगर कोई किसान पहली बार अमरूद की खेती शुरू करना चाहता है तो उसे उन्नत किस्मों का ही चयन करना चाहिए. उनके अनुसार इलाहाबादी सफेदा, सरदार लखनऊ-49, वीएनआर बिही और ताइवान पिंक जैसी किस्में बेहतर उत्पादन और अच्छी गुणवत्ता के लिए जानी जाती हैं. इन किस्मों के फल आकार में बड़े, स्वाद में बेहतर और बाजार में अधिक कीमत दिलाने वाले होते हैं. सही दूरी पर पौधे लगाने, समय-समय पर सिंचाई, खाद और कीट प्रबंधन का ध्यान रखने से उत्पादन कई गुना बढ़ सकता है.
देवघर मे अमरुद का मार्केट है फायदेमंद
उन्होंने आगे बताया कि देवघर में अमरूद की अच्छी मार्केट भी उपलब्ध है. बाबा बैद्यनाथ धाम में हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से आते हैं. ऐसे में स्थानीय बाजार में अमरूद की मांग लगातार बनी रहती है.किसान चाहें तो सीधे बाजार, मंडी, होटल, दुकानदारों और श्रद्धालुओं को भी ताजा अमरूद बेच सकते हैं. इससे उन्हें अपनी उपज का बेहतर दाम मिलता है और बिचौलियों पर निर्भरता भी कम हो जाती है.
एक वर्ष में दो बार उत्पादन मिलता है
विशेषज्ञ का कहना है कि बागवानी एक लंबी अवधि का निवेश जरूर है, लेकिन एक बार पौधे तैयार हो जाने के बाद कई वर्षों तक लगातार उत्पादन मिलता रहता है. इसलिए जो किसान भविष्य में स्थायी और बेहतर आमदनी चाहते हैं, उनके लिए अमरूद की खेती एक बेहतरीन विकल्प हो सकती है. सही तकनीक, अच्छी किस्म और नियमित देखभाल के साथ किसान कम लागत में बेहतर उत्पादन लेकर हर साल लाखों रुपये का मुनाफा कमा सकते हैं. यही कारण है कि अब देवघर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी अमरूद की बागवानी तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है.
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