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Delhi Power Bill Hike: दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने वैश्विक ऊर्जा संकट और कोयले की बढ़ती कीमतों के कारण बिजली वितरण कंपनियों को अधिक सरचार्ज (FPPAS) वसूलने की मंजूरी दे दी है. इसके बाद कंपनियों पर लगी 10% की पुरानी सीमा हट गई है. अब टाटा पावर 16%, बीआरपीएल 17.94% और बीवाईपीएल 17.43% कुल सरचार्ज वसूल सकेंगी. हालांकि, इसका असर केवल बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं पर ही पड़ेगा.
दिल्लीवालों को बढ़े बिजली दामों का करंट लगने वाला है.
नई दिल्ली. राजधानी दिल्ली के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक ऐसी खबर आई है जो तपती गर्मी में पसीने छुड़ाने के लिए काफी है. वैश्विक तनाव और कोयले की आसमान छूती कीमतों के चलते पैदा हुए गहरे ऊर्जा संकट ने अब सीधे दिल्लीवालों की जेब पर तगड़ा प्रहार किया है. दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लेते हुए राजधानी की निजी बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को उपभोक्ताओं से भारी-भरकम ‘फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज’ (FPPAS) वसूलने की खुली छूट दे दी है. इस फैसले के बाद दिल्ली की बिजली कंपनियों को लगी 10 प्रतिशत की पुरानी लक्ष्मण रेखा पूरी तरह टूट चुकी है. अब बिना सब्सिडी वाले उपभोक्ताओं के मासिक बिजली बिलों में एक बड़ा उछाल आना बिल्कुल तय हो चुका है जिसने मध्यम वर्ग के बजट पूरी तरह हिल जाएगा.
दिल्ली में बढ़ने वाले हैं बिजली के दाम 5 मुख्य पॉइंट्स
• सब्सिडी वालों को राहत, दूसरों पर आफत: इस बढ़े हुए सरचार्ज का सीधा असर सिर्फ उन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा जो बिजली सब्सिडी योजना के दायरे से बाहर हैं. दिल्ली सरकार से पूर्ण या 50 प्रतिशत सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं को इस तगड़े झटके से पूरी तरह बाहर रखा गया है.
• क्यों बढ़ी बिजली की कीमतें: अधिकारियों के मुताबिक, वैश्विक तनाव के कारण ऊर्जा संकट गहराया है. इसके साथ ही विदेशों से आने वाले कोयले के आयात और उसके परिवहन (ट्रांसपोर्टेशन) खर्च में भारी बढ़ोतरी होने की वजह से बिजली उत्पादन की लागत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है.
• कंपनियों की मांग पर टूटी 10% की सीमा: दिल्ली की प्रमुख बिजली कंपनियों—बीआरपीएल, बीवाईपीएल और टाटा पावर (TPDDL) ने मई में आयोग से गुहार लगाई थी कि अप्रैल में उनकी वास्तविक खरीद लागत बहुत ज्यादा रही है, इसलिए सरचार्ज वसूलने की 10 प्रतिशत की अधिकतम सीमा में ढील दी जाए.
• किस कंपनी को कितना सरचार्ज वसूलने की मिली छूट: नए आदेश के तहत टाटा पावर (TPDDL) को पूरा 16 प्रतिशत एफपीपीएएस वसूलने की मंजूरी मिली है. वहीं बीएसईएस राजधानी (BRPL) को अप्रैल के लिए कुल 17.94 प्रतिशत और बीएसईएस यमुना (BYPL) को कुल 17.43 प्रतिशत सरचार्ज वसूलने की हरी झंडी दी गई है.
• मासिक आधार पर लागू रहेगा नया नियम: डीईआरसी (DERC) ने साफ कर दिया है कि कंपनियों को दी गई यह विशेष छूट तब तक मासिक आधार पर जारी रहेगी, जब तक कि आयोग की तरफ से इस संबंध में कोई अगला नया आदेश जारी नहीं कर दिया जाता.
सवाल-जवाब
दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने बिजली कंपनियों को किस नए सरचार्ज को वसूलने की अनुमति दी है?
आयोग ने बिजली खरीद लागत में हुई रिकॉर्ड बढ़ोतरी की भरपाई के लिए वितरण कंपनियों को उपभोक्ताओं से अधिक ‘ईंधन एवं बिजली खरीद समायोजन अधिभार’ (FPPAS) वसूलने की मंजूरी दी है.
इस बढ़े हुए बिजली अधिभार का असर दिल्ली के किन उपभोक्ताओं पर पड़ेगा और किन्हें राहत मिलेगी?
इस फैसले का सीधा असर उन उपभोक्ताओं के बिल पर पड़ेगा जो सब्सिडी योजना के दायरे में नहीं आते हैं. दिल्ली सरकार से 100% या 50% बिजली सब्सिडी पाने वाले उपभोक्ताओं पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.
बिजली कंपनियों (डिस्कॉम) को अचानक बिजली के दाम या सरचार्ज बढ़ाने की मांग क्यों करनी पड़ी?
वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव के कारण ऊर्जा संकट पैदा हुआ है. इसके अलावा हाल के दिनों में कोयले के आयात (इंपोर्ट) और उसके परिवहन की लागत बढ़ने से बिजली उत्पादन की आधार लागत काफी बढ़ गई है.
संशोधित आदेश के बाद बीएसईएस की दोनों कंपनियों (BRPL और BYPL) को कुल कितना अधिभार वसूलने का हक मिला है?
इस नए आदेश के बाद अप्रैल महीने के लिए बीएसईएस राजधानी (BRPL) द्वारा वसूला जाने वाला कुल एफपीपीएएस बढ़कर 17.94 प्रतिशत और बीएसईएस यमुना (BYPL) के लिए यह आंकड़ा 17.43 प्रतिशत हो गया है.
टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) को आयोग ने कितना प्रतिशत सरचार्ज वसूलने की अनुमति दी है?
डीईआरसी के वास्तविक आकलन के अनुसार अप्रैल महीने में टाटा पावर का एफपीपीएएस 16 प्रतिशत रहा था, और आयोग ने कंपनी को इस पूरे 16 प्रतिशत अधिभार को उपभोक्ताओं से वसूलने की पूरी अनुमति दे दी है.
(भाषा इनपुट के आधार पर)
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डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

