Last Updated:
Excise Duty Petrol Waived: ईरन जंग की वजह से वेस्ट एशिया में हालात सामान्य नहीं रह गए हैं. एनर्जी कॉरिडोर के नाम से विख्यात होर्मुज स्ट्रेट से LPG, पेट्रोल और डीजल लदे जहाजों की आवाजाही लगभग ठप पड़ी हुई है. इसका असर एशिया से लेकर यूरोप तक के देशों पर पड़ रहा है. कई देशों में तो एनर्जी क्राइसिस जैसी स्थिति पैदा हो गई है.
सरकार ने एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को शून्य करने का फैसला किया है. (फोटो: Reuters)
Petrol Excise Duty Waived: सरकार ने एथेनॉल मिले पेट्रोल पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को खत्म कर दिया है. सरकार के इस फैसले से ग्राहकों से लेकर तेल कंपनियों और आम किसानों को भी फायदा होने की उम्मीद है. बता दें कि सरकार ने एथेनॉल मिक्स पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी को ऐसे समय में खत्म या शून्य करने का फैसला किया है, जब ईरान जंग की वजह से एनर्जी कॉरिडोर के नाम से मशहूर होर्मुज स्ट्रेट से गैस के साथ ही पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति भी बाधित हुई है. ऐसे में एनर्जी सिक्योरिटी को लेकर नई नीति अपनाई जा रही है, ताकि ऊर्जा सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके.
जानकारी के अनुसार, केंद्र सरकार ने पेट्रोल में अधिक मात्रा में एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 22 प्रतिशत से 30 प्रतिशत तक एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) और कुछ अन्य सेस यानी उपकर में छूट देने का फैसला किया है. इस संबंध में सरकार ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया. इसके तहत E22, E25, E27 और E30 श्रेणी के पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी शून्य कर दी गई है.
तीसरा बाड़ा आयातक देश
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है. ऐसे में सरकार लंबे समय से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति पर काम कर रही है. अब तक E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा था, लेकिन नए फैसले से इससे अधिक मिश्रण वाले ईंधन को भी बढ़ावा मिलेगा.
ईंधन की कीमतों को स्थिर रखने में सहायता
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से भविष्य में ईंधन कीमतों को स्थिर रखने में सहायता मिल सकती है. साथ ही एथेनॉल उत्पादन के लिए कृषि क्षेत्र में मांग बढ़ेगी, जिससे किसानों को लाभ होगा. हालांकि, अधिक एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग सभी वाहनों में तुरंत संभव नहीं होगा. इसके लिए वाहन निर्माताओं को ऐसे इंजन विकसित करने होंगे जो उच्च एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन के अनुकूल हों.
किसानों की आय बढ़ाने में मदद
एथेनॉल एक जैव-ईंधन (बायोफ्यूल) है, जिसे मुख्य रूप से गन्ने, मक्का और अन्य कृषि उत्पादों से तैयार किया जाता है. पेट्रोल में इसके उपयोग से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है. सरकार का यह कदम ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने और हरित ईंधन को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
About the Author
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

