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IMD Tomorrow Weather: मानसून केरल के बाद अरब सागर के रास्ते कर्नाटक, गोवा के बाद महाराष्ट्र में जोरदार दस्तक दी है. तटीय इलाकों में भारी बारिश शुरू हो गया है. दूसरी ओर, बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत चक्रवाती परिसंचरण के कारण पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल के कई जिलों में बारिश हो रही है. बंगाल की खाड़ी में एक्टिव मौसमी प्रणाली की वजह से बिहार, ओडिशा, झारखंड सहित कई इलाकों के लिए आने वाले 3 से 4 दिनों के बाद 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भयंकर आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की है. वहीं, दिल्ली में आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने की संभावना है. आने वाले शनिवार तक मौसम सही होने की संभावना नहीं है. वहीं, दक्षिण भारत के पश्चिमी तटीय राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मौसम विभाग ने गोवा और मंगलौर के आसपास के तटीय इलाकों में भारी बारिश और आंधी तूफान की संभावना को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया है.
महाराष्ट्र के तटीय इलाकों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के पहुंचने से रिकॉर्ड तोड़ बारिश शुरू हो गई है, वहीं दूसरी तरफ बंगाल की खाड़ी में खतरनाक मौसमी प्रणाली एक्टिव हो रहा है. जहां तक बिहार में मानसून पहुंचने की बात है, तो बिहार में 15 जून से पहले मानसून नहीं पहुंचेगा. लेकिन बंगाल की खाड़ी में एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण की वजह से न केवल बिहार बल्कि, बंगाल, ओडिशा और संपूर्ण पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है.
पश्चिम बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश का नया दौर शुरू पूर्वोत्तर के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के तटीय और उत्तरी जिलों में भी इस चक्रवाती परिसंचरण का भयंकर असर दिखेगा. कोलकाता, दीघा, हावड़ा और उत्तर व दक्षिण 24 परगना में सुबह से ही रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है. मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक बंगाल के इन इलाकों में मौसम ऐसा ही बना रहेगा.
मौसम विभाग (आईएमडी) ने बिहार के मैदानी और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अगले 96 घंटे में मौसम बिगड़ने की चेतावनी दी है. मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कई जिलों में 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की तूफानी रफ्तार से चलने वाली हवाओं के साथ भयंकर वज्रपात और धूलभरी आंधी आने का अलर्ट जारी किया गया है.
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महाराष्ट्र के तटीय जिलों में मानसून की वजह से भारी बारिश हो रही है. मुंबई, कोंकण, ठाणे और पालघर समेत कई तटीय जिलों में कल रात से ही मूसलाधार बारिश का सिलसिला लगातार जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, समुद्र तटीय इलाकों में मानसून के सक्रिय होने से निचले इलाकों में पानी भरना शुरू हो गया है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी है.
मुंबई और उपनगरों में हाई टाइड के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है. मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में मानसूनी बादलों की वजह से तपमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है. आईएमडी ने चेतावनी दी है कि भारी बारिश के साथ-साथ समुद्र में ऊंची लहरें यानी हाई टाइड उठने की भी पूरी आशंका है.
बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के कारण समुद्र से भारी मात्रा में नमी वाली हवाएं तेजी से भारत के मुख्य भूभाग की ओर बढ़ रही हैं. इस चक्रवात का सीधा और सबसे खतरनाक असर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों पर देखने को मिल रहा है, जहां आसमान में घने काले बादलों का डेरा जमा हुआ है और लगातार पानी बरस रहा है.
असम और मेघालय में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसी स्थिति बंगाल की खाड़ी से उठे इस चक्रवाती सिस्टम के चलते पूर्वोत्तर के प्रमुख राज्यों, खासकर असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है. पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही इस मूसलाधार वर्षा के कारण स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर अचानक खतरनाक ढंग से बढ़ गया है. कई संवेदनशील और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है, जिससे यातायात और आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है.
मौसम विभाग ने बिहार के लोगों के लिए एक अत्यंत गंभीर आपातकालीन चेतावनी जारी की है. मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, बिहार के अधिकांश जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर भयंकर गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान आने की पूरी संभावना बनी हुई है. इस दौरान अचानक मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बढ़ गया है.
50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी तूफानी हवाएं बिहार के लिए सबसे ज्यादा चिंताजनक बात यह है कि इस आंधी-तूफान के दौरान सतह पर हवाओं की रफ्तार बेहद खतरनाक होने वाली है. आईएमडी ने अनुमान लगाया है कि राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम हवा की गति 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. इतनी तेज गति की हवाएं कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और होर्डिंग्स को भारी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है.
वज्रपात और आकाशीय बिजली की घटनाओं से बचने की अपील तूफानी हवाओं के साथ-साथ बिहार के विभिन्न जिलों में आकाशीय बिजली यानी वज्रपात गिरने की भी भारी आशंका जताई गई है. आपदा प्रबंधन विभाग ने किसानों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे तूफान के दौरान खेतों, खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे शरण बिल्कुल न लें. लोगों को अपने पक्के घरों के अंदर रहने और बिजली से चलने वाले सभी उपकरणों को बंद रखने की सख्त सलाह दी गई है.
उत्तर और पूर्वी भारत के राज्यों में अलर्ट मोड पर प्रशासन महाराष्ट्र में मानसून के आगे बढ़ने, बंगाल की खाड़ी के चक्रवात और बिहार में आंधी-तूफान के इस त्रिकोणीय मौसमी संकट को देखते हुए सभी राज्यों का प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है. नियंत्रण कक्षों को चौबीसों घंटे सक्रिय रहने को कहा गया है.

