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बोकारो के सेक्टर-12 स्थित गुमला नगर की रहने वाली मोनिका लकड़ा अपने हुनर के दम पर आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं. गृहणी होने के बावजूद वह पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट से खूबसूरत फूल, बुके और की-रिंग तैयार कर रही हैं. उनके उत्पाद 50 रुपये से शुरू होकर 300 रुपये तक बिकते हैं. हर महीने 50 से 100 ऑर्डर मिलने से उन्हें 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है. मोनिका का कहना है कि हर महिला अपने हुनर को पहचानकर सफलता हासिल कर सकती है.
कैलाश कुमार : कहते हैं कि हुनर अगर मेहनत और लगन के साथ जुड़ जाए तो सफलता जरूर मिलती है. इसका बेहतरीन उदाहरण पेश कर रही है बोकारो जिले के सेक्टर-12 स्थित गुमला नगर की रहने वाली आदिवासी गृहणी मोनिका लकड़ा, जो घर-परिवार की जिम्मेदारियों के बीच पाइप क्लीनर और क्रोशिया आर्ट के हुनर से खूबसूरत फ्लावर पॉट्स होम डेकोरेशन के सामान तैयार कर ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचकर आत्मनिर्भरता कि मिसाल पेश कर रही हैं.
खास बातचीत में मोनिका ने बताया कि वह पिछले सात सालों से क्रोशिया आर्ट का काम कर रही हैं. इस दौरान उन्होंने कई तरह की डिजाइन तैयार कीं, लेकिन हाल के दिनों में बाजार में बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए उन्होंने पाइप क्लीनर आर्ट के साथ एक्सपेरिमेंट शुरू किया, जो कि लोगों को बहुत ही पसंद आया. उन्होंने 5 मिनट से बेहतरीन आर्ट बनाना शुरू किया.
डिजाइन को तैयार करने में उन्हें 10 से 15 मिनट का समय
आगे मोनिका ने बताया कि एक डिजाइन को तैयार करने में उन्हें 10 से 15 मिनट का समय लगता है,जबकि वेडिंग बुके या बर्थडे बुके बनाने में एक से दो घंटे तक का समय लग जाता है. वहीं उनके स्टॉल पर ग्राहक मात्र 50 रुपये में पाइप क्लीनर या क्रोशिया आर्ट से बने खूबसूरत फूल खरीद सकते हैं, वहीं आकर्षक बुके की कीमत 300 रुपये से शुरू होती है इसके अलावा उनके पास आइसक्रीम, फूल और अन्य रचनात्मक डिजाइन वाले की-रिंग भी उपलब्ध हैं,जो बच्चों और युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय हैं.
30 हजार रुपये तक की आमदनी
वहीं उनके यहां सबसे अधिक मांग बुके और फ्लावर की होती है और हर महीने उनके 50 से 100 उत्पादों की बिक्री हो जाती है. जिससे उन्हें करीब 25 से 30 हजार रुपये तक की आमदनी हो जाती है. वही उनका स्टॉल बोकारो मॉल के सामने शाम 5:00 बजे से रात 8:00 बजे तक खुला रहता है इसके अलावा ग्राहक इंस्टाग्राम आईडी जेनिथ मोनिका लकड़ा पर ऑर्डर कर सकती है.
आखिर में उन्होंने दूसरी महिला को संदेश दिया है कि घर पर खाली बैठने से अच्छा है आप अपने हुनर को पहचान कर कुछ नया शुरुआत कर सकते हैं जिससे अपनी पहचान के साथ कामयाबी भी जरूर मिलती है
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7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

