Last Updated:
Chilli Bhanguri Rog Protection Tips: भागलपुर में मिर्च की फसलों पर येलो वेन मोज़ेक वायरस यानी ‘भंगुरी रोग’ का हमला हुआ है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल सुरक्षित रखने के लिए नीम तेल, पीला-नीला ट्रैप और कीटनाशी छिड़काव की सलाह दी है. साथ ही दवा छिड़कने के बाद कम से कम एक सप्ताह तक मिर्च की तुड़ाई न करने की सख्त हिदायत दी गई है. जानें बचाव के खास टिप्स.
भागलपुर: बिहार में अक्सर लोगों की जीविका किसानी पर निरभर है. खासकर लोग अब पौराणिक खेती को छोड़कर नए खेती की तरफ ध्यान दे रहे हैं. ऐसे में अब फल व सब्जी की खेती की तरफ लोग अधिक ध्यान दे रहे हैं. लेकिन इस खेती में थोड़ा रिस्क है. क्योंकि इसमें किट प्रबधंन व अन्य कई तरह की समस्या उत्पन्न होती है. जिसका समाधान करने में ही किसान परेशान हो जाते हैं. तो अब घबराने की जरूरत नहीं. पौधा संरक्षण अधिकारी सुजीत पाल ने इसके उपाय बातएं हैं.
मिर्च में लग जाये भंगरी तो क्या करें?
दरअसल, आपको बता दें कि अभी के समय में सब्जी की खेती में अधिक मुनाफा है. ऐसे में किसान मिर्च लगाए हुए हैं. लेकिन इसमें एक बीमारी देखने को मिलती है. जिसमें पत्ते मुरझाया जैसे लगते हैं. वहीं पत्ते पीले होने लगते हैं. ऐसे में इसके फलन में भी कमी आ जाती है. जिसको आम तौर भंगुरी लगना कहते हैं. लेकिन अगर वैज्ञानिक नाम की बात करें तो येलो भेन मोजाक वाइरस जो मिर्च के लिए खतरनाक होता है. जब इसको लेकर पौधा संरक्षण अधिकारी सुजीत पाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि इसमें जो मिर्च का फलन होता है वो भी टेढ़ा होने लगता है.
ऐसे में इसके बचाव के लिए उपाय है. लेकिन ये वायरल डिजीज है. इसलिए इससे निजात मिलना थोड़ा मुश्किल है. ऐसे में उन्होंने बताया कि अगर आप जैविक खेती करते हैं तो आप इसमें निम तेल का छिड़काव करें. ये व्हाइट किट से होता है. इसके रोक थाम के लिए पीला ट्रेप व नीला ट्रेप लगा दें तो इसमें चिपचिपा पदार्थ होता है. इसमें किट चिपक जाएगा. तीसरा आप इसमें एक कीटनाशी के साथ-साथ एक सकिंग पेस्ट मिलाकर आप इसका छिड़काव करें. तो इसको कंट्रोल किया जा सकता है. अक्सर यह बीमारी बारिश के दिनों में लगता है. जो पौधे के लिए खतरनाक होता है. पौधा की मोटिलिटी दर भी बढ़ जाती है.
कीटनाशी के छिड़काव के बाद सब्जी तुरन्त नहीं तोड़े
उन्होंने बताया कि अगर आप कीटनाशक का प्रयोग करते हैं तो आपको यह ध्यान रखना है कि कम से कम एक सप्ताह मिर्च न तोड़ें. उसके बाद ही इसको तोड़ें क्योकि इसका असर सप्ताह भर रहता है. इसलिए इसके इस्तेमाल के एक सप्ताह बाद तोड़ें. इसमें पौधा का पत्ता पूरी तरीके से मुरझाया हुआ जैसा लगता है. पत्ता झरने भी लगता है फलन प्रभावित हो जाता है. इसलिए इससे बचाव का उपाय तुरन्त करना चाहिए.
About the Author
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

