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Summer Plant Care Tips: बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के कारण घरों की बालकनी और किचन गार्डन में लगे पौधे झुलसकर सूखने लगे हैं. पूर्णिया गार्डन ग्राम के बागवानी विशेषज्ञ आशुतोष कुमार का कहना है कि जिस तरह इंसानों को गर्मी लगती है. उसी तरह पौधों पर भी इसका बुरा असर होता है. बिना किसी अतिरिक्त खर्च के कुछ छोटी-छोटी बातों जैसे- पानी देने की सही टाइमिंग, पत्तियों पर छिड़काव और रासायनिक खाद से दूरी बनाकर आप अपने गमले के पौधों को भीषण गर्मी में भी पूरी तरह स्वस्थ और हरा-भरा रख सकते हैं. जानिए एक्सपर्ट के वो 6 जरूरी उपाय.
पूर्णिया: दिन-प्रतिदिन बढ़ती भीषण गर्मी और तेज धूप से न सिर्फ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. बल्कि इसका सीधा असर घरों की बालकनी और किचन गार्डन में लगे पौधों पर भी पड़ रहा है. तेज धूप के कारण पौधे सूखने लगते हैं. उनका विकास रुक जाता है. लेकिन कुछ आसान से उपायों को अपनाकर आप इस चिलचिलाती गर्मी में भी अपने गमले के पौधों को पूरी तरह स्वस्थ और हरा-भरा रख सकते हैं.
इंसान की तरह पौधों को भी लगती है गर्मी
पूर्णिया गार्डन ग्राम के बागवानी विशेषज्ञ आशुतोष कुमार बताते हैं कि बिना किसी अतिरिक्त खर्च और बिना किसी तामझाम के भी पौधों की बेहतर देखभाल की जा सकती है. उन्होंने कहा कि जिस तरह इंसानों पर गर्मी का बुरा असर पड़ता है. ठीक उसी तरह पौधे भी झुलसने लगते हैं. ऐसे में कुछ छोटी-छोटी लेकिन जरूरी बातों का ख्याल रखकर आप अपने होम गार्डन को मरने से बचा सकते हैं. गार्डन को हरा-भरा रखने के लिए एक्सपर्ट आशुतोष कुमार ने निम्नलिखित महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए हैं.
पानी देने की टाइमिंग है सबसे जरूरी
पौधों को सुबह और शाम के समय नियमित रूप से पानी दें ताकि मिट्टी में नमी बरकरार रहे. भूलकर भी दोपहर के तेज धूप वाले समय में पौधों में पानी न डालें. दोपहर में पानी देने से गमले की मिट्टी गर्म हो जाती है. जिससे पानी उबलने लगता है और जड़ें सड़ सकती हैं.
पत्तियों पर भी करें पानी का छिड़काव
गर्मी के सीजन में केवल पौधों की जड़ों में ही नहीं, बल्कि उनकी पत्तियों पर भी पानी का नियमित छिड़काव करें. इससे तेज धूप का प्रभाव कम होता है, पत्तियों पर जमी धूल साफ होती है. वे ज्यादा हरी-भरी रहती हैं.
रासायनिक खाद से पूरी तरह बनाएं दूरी
भीषण गर्मी में पौधों में रासायनिक खाद का इस्तेमाल बिल्कुल न करें. क्योंकि इनकी तासीर गर्म होती है जो पौधों को जला सकती है. अगर जरूरत हो, तो केवल जैविक वर्मी कंपोस्ट (केंचुआ खाद) या गोबर की ठंडी खाद का ही बेहद सीमित मात्रा में उपयोग करें.
मिट्टी को रखें भुरभुरी
गमले में लगे पौधे की मिट्टी हमेशा भुरभुरी होनी चाहिए. जब मिट्टी में हल्की नमी हो, तब किसी खुरपी की मदद से ऊपरी मिट्टी को थोड़ा खोदकर उलट-पुलट (गुड़ाई) कर दें. इससे हवा और नमी आसानी से पौधे की जड़ों तक पहुंच पाती है.
गर्मी में न डालें घरेलू नुस्खे
अक्सर लोग अनजाने में पौधों की जड़ों में बची हुई चायपत्ती, सड़ी-गली चीजें या सरसों की खल्ली डाल देते हैं. गर्मी के मौसम में ऐसा करने से गमले की मिट्टी का तापमान अचानक बढ़ जाता है. जड़ों में फंगस लगने से पौधे सूखने लगते हैं. इसलिए गर्मी में इन चीजों को डालने से बचें.
गमले के ड्रेनेज होल (छेद) की जांच करें
कई बार लोग गमले में बिना नीचे का छेद देखे मिट्टी भरकर पौधा लगा देते हैं, जिससे पानी जमा होने लगता है या हवा ब्लॉक हो जाती है. पौधा लगाने से पहले हमेशा सुनिश्चित करें कि गमले के निचले हिस्से में एक उचित छेद हो, ताकि अतिरिक्त पानी बाहर निकल सके और जड़ों को ऑक्सीजन (हवा) मिलती रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि इन आसान और व्यावहारिक उपायों को अपनाकर आप झुलसाने वाली गर्मी में भी अपनी बालकनी और छत पर लगे पौधों को सूखने से बचा सकते हैं.
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मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें

