kerala cm vd satheesan meeting with pm modi: केरल की सियासत में पूरे दस साल बाद बड़ा उलटफेर करके सत्ता में लौटे कांग्रेस गठबंधन के नए मुख्यमंत्री वीडी सतीशन इस समय फुल एक्शन मोड में दिखाई दे रहे हैं. तिरुवनंतपुरम में सरकार की कमान संभालने के बाद सीएम वीडी सतीशन मंगलवार को देश की राजधानी नई दिल्ली पहुंचे. यहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनके निवास पर पहली आधिकारिक और शिष्टाचार मुलाकात की. एएनआई मीडिया में छपी खबर के मुताबिक, राज्य में नई सरकार के गठन और मुख्यमंत्री का पदभार संभालने के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली आमने-सामने की बैठक थी, जिसे केंद्र और राज्य के रिश्तों को पटरी पर लाने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है.
गुलदस्ता छोड़ पीएम को दिया नायाब तोहफा
इस मुलाकात की जो सबसे खास बात रही, जिसने दिल्ली से लेकर केरल तक सबका ध्यान खींचा, वो था मुख्यमंत्री का अनोखा गिफ्ट. सीएम वीडी सतीशन ने पीएम मोदी को कोई आम गुलदस्ता या फूलों का बुके देने के बजाय केरल की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक कला की पहचान मानी जाने वाली ‘कथकली नर्तक’ की लकड़ी की एक बेहद खूबसूरत मूर्ति भेंट की. पीएम मोदी ने भी इस नायाब तोहफे को बेहद खुशी-खुशी स्वीकार किया और नए मुख्यमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए राज्य के विकास के लिए हरसंभव मदद का भरोसा दिया.
दस साल बाद कांग्रेस की धमाकेदार वापसी
यह बैठक राजनीतिक गलियारों में इसलिए भी सुर्खियां बटोर रही है क्योंकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने केरल में पूरे एक दशक के लंबे इंतजार के बाद वामपंथ के मजबूत किले को ढहाकर सत्ता में वापसी की है. वीडी सतीशन ने बीते 18 मई को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित एक बेहद भव्य और ऐतिहासिक समारोह में केरल के 13वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली थी, जिसके बाद से ही वो लगातार एक्टिव नजर आ रहे हैं.
राजभवन से स्टेडियम तक उमड़ा हुजूम
शपथ ग्रहण समारोह की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पूरा सेंट्रल स्टेडियम समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से खचाखच पटा हुआ था. राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने हजारों लोगों, प्रशंसकों और देश भर से आए तमाम दिग्गज राजनेताओं की मौजूदगी में वीडी सतीशन और उनकी नई मंत्रिपरिषद को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी. इस ऐतिहासिक पल के गवाह बनने के लिए केरल के कोने-कोने से लोग तिरुवनंतपुरम पहुंचे थे.
कैबिनेट में युवाओं और महिलाओं को तरजीह
टीम सतीशन में इस बार बदलाव की साफ झलक देखने को मिल रही है. मुख्यमंत्री के साथ कुल 20 मंत्रियों ने शपथ ली है, जिसमें सबसे दिलचस्प बात यह है कि 14 चेहरे पहली बार मंत्री बने हैं. नई कैबिनेट में दो महिला मंत्रियों और अनुसूचित जाति (SC) समुदाय के दो प्रतिनिधियों को जगह दी गई है. कांग्रेस ने इस तरह सोशल इंजीनियरिंग के जरिए समाज के हर वर्ग और युवाओं को अपनी सरकार में बड़ी भागीदारी देकर भविष्य की राजनीति का संकेत दिया है.
सहयोगियों को कैबिनेट में मिला पूरा सम्मान
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, इस नई सरकार और कैबिनेट में सबसे बड़ी हिस्सेदारी मुख्य पार्टी कांग्रेस की है, जिसके खाते में कुल 11 मंत्री पद आए हैं. वहीं, गठबंधन की दूसरी सबसे प्रमुख सहयोगी पार्टी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) को 5 महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं. इसके अलावा केरल कांग्रेस के विभिन्न गुटों, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी (RSP) और कम्युनिस्ट मार्क्सवादी पार्टी सहित अन्य छोटे सहयोगी दलों को भी नई मंत्रिपरिषद में सम्मानजनक प्रतिनिधित्व दिया गया है.
विधानसभा चुनाव में यूडीएफ की बंपर जीत
केरल में इस साल 9 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे जब 4 मई को घोषित हुए, तो उन्होंने सबको चौंका दिया. सूबे की जनता ने यूडीएफ के पक्ष में एकतरफा और निर्णायक फैसला सुनाया. 140 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अकेले 102 सीटों पर बंपर जीत हासिल की. वहीं, लगातार दूसरी बार सरकार चलाकर हैट्रिक की उम्मीद लगाए बैठे लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) को करारी शिकस्त मिली और वह महज 35 सीटों पर सिमट गया, जबकि बीजेपी को 3 सीटें मिलीं.
मुख्यमंत्री ने अपने पास रखे भारी-भरकम विभाग
सरकार बनने के तुरंत बाद विभागों का बंटवारा भी बेहद सधे हुए और पेशेवर अंदाज में किया गया. मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने राज्य के विकास की चाबी सीधे अपने हाथ में रखी है. उन्होंने वित्त, कानून, बंदरगाह, हवाई अड्डे, रेलवे, मेट्रो रेल और प्रदूषण नियंत्रण जैसे सबसे भारी-भरकम और बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रमुख विभाग अपने पास रखे हैं, ताकि राज्य के बड़े प्रोजेक्ट्स की कमान वो खुद संभाल सकें और काम में कोई देरी न हो.
अनुभवी चेहरों को मिली गृह और स्वास्थ्य की कमान
सतीशन ने अपनी टीम में अनुभव और नए जोश का बेहतरीन संतुलन बनाया है. वरिष्ठ कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला को राज्य का नया गृह मंत्री बनाया गया है, जो कानून-व्यवस्था संभालेंगे. वहीं, के. मुरलीधरन को स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा जैसा बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया है. इसके अलावा आईयूएमएल के कद्दावर नेता पीके कुन्हालीकुट्टी को उद्योग, वाणिज्य और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) जैसे मलाईदार विभागों का जिम्मा मिला है, जिससे व्यापार जगत में सकारात्मक संदेश गया है.
बुनियादी ढांचे और रोजगार पर सरकार का फोकस
नई नवेली यूडीएफ सरकार ने सत्ता संभालते ही अपनी प्राथमिकताओं की दिशा साफ कर दी है. मुख्यमंत्री कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक, आने वाले महीनों में केरल के भीतर बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास करना, राज्य में बड़े पैमाने पर निवेश खींचना, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करना और पिछली सरकार की सुस्त पड़ी जनकल्याणकारी योजनाओं को रफ्तार देना ही इस सरकार का अल्टीमेट मास्टरप्लान और सबसे मुख्य एजेंडा होने वाला है.

