Last Updated:
तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री विजय ने पदभार संभालते ही 200 यूनिट मुफ्त बिजली देने का ऐतिहासिक फैसला लिया. तमिलनाडु अब देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो गया है जो बड़ी मात्रा में बिजली सब्सिडी दे रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा और नशा मुक्ति के लिए भी टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है.

विजय ने सीएम बनते ही बड़ा फैसला किया. (PTI)
तमिलनाडु की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है. सुपरस्टार से राजनेता बने TVK प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते ही अपनी पहली कलम 200 यूनिट मुफ्त बिजली की फाइल पर चलाई. यह फैसला न केवल तमिलनाडु के लिए बड़ा है बल्कि इसने पूरे देश में फ्री बिजली की राजनीति पर नई बहस छेड़ दी है. यह महज एक चुनावी वादे की पूर्ति नहीं बल्कि दिल्ली और पंजाब से शुरू हुई फ्री बिजली की उस लहर का विस्तार है जिसे अब दक्षिण भारत में एक नया नायक मिल गया है. 200 यूनिट मुफ्त बिजली का यह ऐलान उस राज्य के लिए एक नई सुबह की तरह है जो भारी कर्ज और बिजली संकट के दोहरे मोर्चे पर जूझ रहा था. अब सवाल यह है कि क्या तमिलनाडु देश में सबसे ज्यादा फ्री बिजली देने वाले पंजाब को भी पीछे छोड़ देगा?
भारत में मुफ्त बिजली योजनाएं (मई 2026 तक की स्थिति)
| राज्य | मुफ्त बिजली (प्रति माह) | प्रमुख लाभ / शर्त |
|---|---|---|
| पंजाब (Punjab) | 300 यूनिट | देश में सबसे ज्यादा; 2 महीने में 600 यूनिट तक का जीरो बिल। |
| तमिलनाडु (Tamil Nadu) | 200 यूनिट | नई घोषणा: मुख्यमंत्री विजय द्वारा पद संभालते ही लागू। |
| दिल्ली (Delhi) | 200 यूनिट | 200 तक पूरी तरह फ्री; 400 यूनिट तक 50% की सब्सिडी। |
| कर्नाटक (Karnataka) | 200 यूनिट | ‘गृह ज्योति’ योजना; औसत मासिक खपत के आधार पर पात्रता। |
| तेलंगाना (Telangana) | 200 यूनिट | राशन कार्ड धारकों और गरीब परिवारों के लिए विशेष रूप से प्रभावी। |
| हिमाचल प्रदेश | 125 यूनिट | घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सीमित राहत। |
क्या विजय का दांव तमिलनाडु की तकदीर बदलेगा?
तमिलनाडु की सत्ता पर काबिज होते ही मुख्यमंत्री विजय ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली का जो कार्ड खेला है वह भारतीय राजनीति के बदलते मिजाज का स्पष्ट संकेत है. यह फैसला केवल एक आर्थिक राहत नहीं बल्कि एक गहरी रणनीतिक बिसात है. वर्तमान में,पंजाब 300 यूनिट के साथ देश में फ्री पावर का लीडर बना हुआ है जबकि दिल्ली 200 यूनिट के साथ इस मॉडल की जनक रही है. विजय ने इसी नब्ज को पकड़ा है.
बिजली निगम का बढ़ता बोझ
आर्थिक मोर्चे पर देखें तो तमिलनाडु पहले से ही भारी कर्ज के बोझ तले दबा है. ऐसे में करोड़ों उपभोक्ताओं को सब्सिडी देना सरकारी खजाने पर भारी दबाव डालेगा. हालांकि इसके पीछे का मास्टरप्लान मध्यम और निम्न वर्ग को सीधे अपने पाले में करना है. जब बिजली बिल जीरो आता है तो जनता की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ती है जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है. लेकिन असली चुनौती बुनियादी ढांचे की है; क्या मुफ्त के चक्कर में बिजली निगम (TANGEDCO) और अधिक घाटे में नहीं डूबेंगे? विजय का यह कदम दक्षिण भारत में लोकलुभावनवाद की नई परिभाषा लिख रहा है, जो अब सीधे तौर पर पंजाब और दिल्ली के मॉडल को चुनौती दे रहा है.
सवाल-जवाब
विजय ने मुख्यमंत्री बनते ही पहली कौन सी फाइल साइन की?
मुख्यमंत्री विजय ने सबसे पहले 200 यूनिट मुफ्त बिजली, महिला सुरक्षा बल का गठन और नशा तस्करी रोकने वाली इकाइयों की स्थापना संबंधी फाइलों पर हस्ताक्षर किए.
वर्तमान में भारत का कौन सा राज्य सबसे अधिक मुफ्त बिजली दे रहा है?
पंजाब वर्तमान में सबसे आगे है, जहाँ प्रति माह 300 यूनिट बिजली पूरी तरह मुफ्त दी जा रही है.
तमिलनाडु की इस नई योजना का लाभ किसे मिलेगा?
यह लाभ उन घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा जिनकी द्विमासिक (दो महीने की) बिजली खपत 500 यूनिट से कम है.
About the Author
डिजिटल पत्रकारिता में खबरों की गहरी समझ रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. 16 वर्षों से सुदीर्घ पत्रकारीय सफर में इन्होंने अपनी कलम से जटिल विषयों को …और पढ़ें

