बेंगलुरु: ट्रैफिक और बढ़ते शहरी दबाव से जूझ रहे बेंगलुरु के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी बेंगलुरु का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु दक्षिण में बनाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य है कि साल 2032-33 तक यह एयरपोर्ट पूरी तरह कार्यात्मक हो जाए. वर्तमान में केम्पेगौड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (KIA) बेंगलुरु का एकमात्र प्रमुख हवाई अड्डा है जिसपर यात्रियों और उड़ानों का भारी दबाव है. डीके शिवकुमार ने नेटवर्क 18 के कार्यक्रम में जानकारी दी कि नए हवाई अड्डे के लिए बेंगलुरु अथॉरिटी के दायरे में लगभग 9,000 एकड़ जमीन की पहचान की गई है. इस नए प्रोजेक्ट से न केवल हवाई यातायात सुगम होगा बल्कि बेंगलुरु दक्षिण में विकास के नए रास्ते भी खुलेंगे.
क्यों चुना गया बेंगलुरु दक्षिण?
नए हवाई अड्डे के स्थान को लेकर लंबे समय से बहस चल रही थी. डीके शिवकुमार ने बताया कि इस पर कैबिनेट में गहन चर्चा हुई है. उनके अनुसार:
· आईटी-बीटी का विस्तार: बेंगलुरु में कैलिफोर्निया की तरह आईटी कंपनियां किसी एक जगह सीमित नहीं हैं. सरजापुर, इलेक्ट्रॉनिक सिटी, उत्तर और पूर्वी बेंगलुरु सहित शहर के हर हिस्से में आईटी कॉरिडोर फैले हुए हैं.
· कनेक्टिविटी: दक्षिण बेंगलुरु में हवाई अड्डा होने से इलेक्ट्रॉनिक सिटी और सरजापुर जैसे इलाकों में रहने वाले लाखों प्रोफेशनल्स को सीधा फायदा होगा.
· 9 हजार एकड़ का प्लान: सरकार ने एयरपोर्ट के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं, पानी, बिजली और हरियाली (Greening) के लिए एक व्यापक मास्टरप्लान तैयार किया है.
15 दिनों में आएगा अंतिम फैसला
डिप्टी सीएम ने स्पष्ट किया कि स्थान की पहचान कर ली गई है और अगले 15 दिनों के भीतर इस पर अंतिम मुहर लगा दी जाएगी. सरकार बुनियादी ढांचे और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के बाद औपचारिक घोषणा करेगी. यह नया हवाई अड्डा बेंगलुरु की ट्रैफिक समस्या को हल करने और शहर के संतुलित विकास में मील का पत्थर साबित होगा.
सवाल-जवाब
बेंगलुरु का दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा कहाँ बनेगा?
उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के अनुसार, दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेंगलुरु दक्षिण (South Bengaluru) में बनाया जाएगा, जिसके लिए 9,000 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है.
यह हवाई अड्डा कब तक शुरू होने की उम्मीद है?
कर्नाटक सरकार ने योजना बनाई है कि साल 2032-33 तक दूसरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए और परिचालन शुरू कर दे.
नए हवाई अड्डे की जरूरत क्यों पड़ी?
केम्पेगौड़ा हवाई अड्डे (KIA) पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने और बेंगलुरु के आईटी हब जैसे सरजापुर और इलेक्ट्रॉनिक सिटी को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए इसकी जरूरत है.

