Strawberry Farming Success Story: अक्सर लोग पढ़ाई के बाद नौकरी के पीछे भागते हैं, लेकिन पूर्णिया के रहमत बाड़ी ने मालिक बनने की राह चुनी. इंटरमीडिएट के बाद परंपरागत खेती छोड़ उन्होंने स्ट्रॉबेरी को अपनाया. आज वह इलाके के किसानों के लिए मिसाल बन गए हैं. रहमत बाड़ी बताते हैं कि प्रगतिशील किसान जितेंद्र कुशवाहा से मिली प्रेरणा और कृषि विभाग के सहयोग ने उनकी किस्मत बदल दी. मिल्क टोला के रहने वाले रहमत ने मल्चिंग विधि से 2000 पौधे लगाए हैं. जिनसे रोजाना 15 किलो स्ट्रॉबेरी निकल रही है. बाजार में इसकी कीमत 200 से 250 रुपये प्रति किलो है. जिससे वह हर दिन अच्छी कमाई कर रहे हैं. रहमत के अनुसार स्ट्रॉबेरी की खेती परंपरागत फसलों के मुकाबले 10 गुना ज्यादा मुनाफा देती है. कम लागत और 4 महीने तक लगातार फलन देने वाली यह फसल अब पूर्णिया के किसानों के लिए ‘लाल सोना’ साबित हो रही है. रहमत बाड़ी आज किसान के लिए मिसाल बन गए हैं.


