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तेलंगाना सरकार ने राज्य में वित्तीय संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने मंत्रियों की सैलरी में 50 फीसदी कटौती करने का फैसला लिया है, जिससे रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के बकाए का पेमेंट जल्दी से किया जा सके.

सरकार ने यह भी साफ किया कि फैसला अस्थाई है. (फाइल फोटो)
हैदराबाद. तेलंगाना सरकार ने राज्य में वित्तीय संकट से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया है. राज्य कैबिनेट ने मंत्रियों की सैलरी में 50 फीसदी कटौती करने का फैसला लिया है, जिससे रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के बकाए का पेमेंट जल्दी से किया जा सके. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसे सभी मंत्रियों ने स्वेच्छा से स्वीकार कर लिया.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार फैसले के बाद राज्य सरकार ने कहा यह कदम अस्थायी है और इसका उद्देश्य पैसे जुटाकर कर्मचारियों और पेंशनर्स की परेशानियों को दूर करना है. राज्य में लंबे समय से कर्मियों और रिटायर कर्मचारियों पेमेंट अटके हुए हैं, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हो रहे हैं. कैबिनेट के अनुसार राज्य पर इस समय भारी देनदारी है. मौजूदा कर्मचारियों का करीब 6,200 करोड़ रुपये और रिटायर्ड कर्मचारियों का लगभग 8,000 करोड़ रुपये बकाया है. भुगतान में देरी के कारण पेंशनर्स को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कई लोगों को अपने ही पैसे के लिए चक्कर काटने पड़ रहे हैं.
इन्हीं हालातों को देखते हुए सरकार ने 100 दिनों के भीतर बकाए के भुगतान करने का लक्ष्य तय किया गया है. इसके लिए एक विशेष समिति बनाई गई है, जो कर्मचारी संगठनों, शिक्षक संघों और पेंशनर्स के साथ बातचीत कर समाधान निकालेगी और अतिरिक्त रुपए जुटाने के उपाय ढूंढ़ेगी.
सरकार ने यह भी माना कि पिछले एक दशक में देनदारियां लगातार बढ़ती गईं. रिटायरमेंट की उम्र बढ़ने और भुगतान में देरी ने समस्या को और गंभीर बना दिया है. राज्य बनने के समय ऐसी स्थिति नहीं थी, लेकिन अब वित्तीय दबाव काफी बढ़ गया है.
कैबिनेट बैठक में अन्य अहम फैसले भी लिए गए. कालेश्वरम लिफ्ट इरिगेशन प्रोजेक्ट में कथित गड़बड़ियों की जांच को लेकर सीबीआई से दोबारा तेजी लाने को कहा जाएगा. इसके अलावा गाचीबोवली स्टेडियम के रिडेवपलमेंट और चिन्ना कालेश्वरम प्रोजेक्ट के लिए जमीन अधिग्रहण को भी मंजूरी दी गई है.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें

