Last Updated:
भारत के वाइस प्रेसिडेंट सीपी राधाकृष्णन श्रीलंका पहुंच चुके हैं. कोलंबो में उनका बहुत ही ज्यादा भव्य स्वागत किया गया. पारंपरिक तमिल संगीत और शानदार डांस से उनका वेलकम हुआ. वीपी ने नए काथिरेसन और गंगारामय मंदिर में अपनी पूजा की. इस शानदार यात्रा से दोनों देशों के बीच रिश्ते काफी मजबूत होंगे.

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कोलंबो में प्रसिद्ध काथिरेसन मंदिर में पूजा-अर्चना की.
नई दिल्ली. दो दिवसीय यात्रा में श्रीलंका पहुंचे भारत के उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कोलंबो में प्रसिद्ध काथिरेसन मंदिर और गंगारामय मंदिर में पूजा-अर्चना की. इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जो दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा देंगे. उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने रविवार को कोलंबो स्थित नए काथिरेसन मंदिर और गंगारामय मंदिर का भ्रमण किया और पूजा-अर्चना की. इस दौरान पारंपरिक तमिल संगीत और नृत्य के साथ उनका भव्य स्वागत किया गया.
भारत के उपराष्ट्रपति की श्रीलंका यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए. इनमें मुल्लैतिवु के जिला सामान्य अस्पताल में चार-मंजिला मेडिकल वार्ड कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए एक एमओयू संपन्न हुआ. इसके अतिरिक्त, पूर्वी प्रांत के लिए बहु-क्षेत्रीय अनुदान सहायता के अंतर्गत प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए छह अलग-अलग एमओयू किए गए.
इन परियोजनाओं में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बाटिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना, देहियात्तकंडिया के बेस अस्पताल में समय से पहले जन्मे शिशुओं के लिए विशेष यूनिट की स्थापना, मुथुर के बेस अस्पताल में नेत्र, ईएनटी और मानसिक स्वास्थ्य इकाइयों का निर्माण, कॉन्ट्रैक्ट किसान समूह (क्लस्टर) की स्थापना, सतत आयुर्वेद गांव का विकास तथा गोमरनकाडावला के केंद्रीय आयुर्वेदिक औषधालय में वार्ड कॉम्प्लेक्स की स्थापना शामिल हैं.
इस यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गईं. भारतीय प्रवासियों की छठी पीढ़ी तक ओसीआई पात्रता के विस्तार तथा भारतीय मूल के तमिल समुदाय के लिए ओसीआई प्रक्रिया को सरल बनाने की घोषणा की गई. साथ ही, भारतीय आवास परियोजना के तीसरे चरण के पूर्ण होने की जानकारी दी गई, जिसके तहत बागान समुदाय के परिवारों के लिए कुल 4000 घरों का निर्माण किया गया है. युद्ध के बाद के पुनर्वास पैकेज के अंतर्गत उत्तरी रेलवे लाइन पर ट्रेन सेवाओं को पुनः प्रारंभ करने की घोषणा भी की गई.
इसी क्रम में पुनर्वास पैकेज के तहत तीन बेली पुलों के निर्माण की घोषणा की गई, जिनमें एक मध्य प्रांत (कैंडी) में और दो उवा प्रांत में स्थापित किए जाएंगे. बागान समुदाय के छात्रों के हित में सीईडब्ल्यूईटी (सीलोन एस्टेट वर्कर्स एजुकेशन ट्रस्ट) छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत वृद्धि की घोषणा भी की गई. इसके अलावा, श्रीलंका की ओर से भारत के नेतृत्व वाले अंतरराष्ट्रीय बिग कैट गठबंधन में शामिल होने की सहमति की घोषणा इस यात्रा का एक महत्वपूर्ण परिणाम रही.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

