Last Updated:
CBI Bank Manager: कृष्णमूर्ति रघुनाथ 2005 से फरार चल रहा था और जांच एजेंसियों की पकड़ से बचने के लिए बार-बार अपना स्थान बदलता रहा. सीबीआई ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इनपुट के आधार पर एक हफ्ते तक चले विशेष ऑपरेशन में उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया. यह ऑपरेशन पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक के विभिन्न स्थानों पर चलाया गया. गिरफ्तारी के बाद आरोपी को बेंगलुरु की स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद उसे कोलकाता लाया जाएगा. 6 फरवरी 2026 को उसे कोलकाता की अदालत में पेश किया जाएगा.

सीबीआई ने फरार बैंक मैनेजर को पकड़ने के लिए तीन राज्यों में जाल फैलाया था. (फाइल फोटो)
बेंगलुरु. कानून के हाथ वाकई बहुत लंबे होते हैं और मुजरिम चाहे पाताल में भी छिपा हो, बच नहीं सकता. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 20 साल से फरार एक शातिर बैंक मैनेजर को धर दबोचा है. आरोपी कृष्णमूर्ति रघुनाथ 2005 से एजेंसियों की आंखों में धूल झोंक रहा था. वह लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था, लेकिन सीबीआई की रडार से बच नहीं पाया. एक हफ्ते तक चले हाई-वोल्टेज ऑपरेशन के बाद उसे बेंगलुरु से गिरफ्तार किया गया. यह गिरफ्तारी उन सभी अपराधियों के लिए एक चेतावनी है जो सोचते हैं कि वक्त बीतने के साथ उनके गुनाह मिट जाएंगे.
मैनेजर साहब निकले ‘मास्टरमाइंड’
मामला कोलकाता के भारत ओवरसीज बैंक (अब इंडियन ओवरसीज बैंक) का है, जहां कृष्णमूर्ति रघुनाथ ब्रांच मैनेजर था. रक्षक ही भक्षक बन गया और बैंक को लाखों का चूना लगा दिया. रघुनाथ ने आपराधिक साजिश रचकर फर्जी कंपनियों के नाम पर झूठे करंट अकाउंट खोले. बैंक के फंड को इन खातों के जरिए डकार लिया गया. इस धोखाधड़ी से बैंक को करीब 38.25 लाख रुपये का नुकसान हुआ. जब तक मामला खुला, रघुनाथ फरार हो चुका था.
सीबीआई ने तीन राज्यों में बिछाया जाल
आरोपी 2005 से फरार था. वह पुलिस और सीबीआई से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा. कभी पश्चिम बंगाल, कभी महाराष्ट्र तो कभी कर्नाटक. सीबीआई ने हार नहीं मानी. एजेंसी ने ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इनपुट का इस्तेमाल किया. सीबीआई की टीम ने पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और कर्नाटक में एक साथ जाल बिछाया और एक हफ्ते की कड़ी मशक्कत के बाद उसे बेंगलुरु में घेर लिया.आरोपी को बेंगलुरु कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड ली गई है. अब उसे 6 फरवरी 2026 को कोलकाता की कोर्ट में पेश किया जाएगा.
About the Author
राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…और पढ़ें

