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First Vande Bharat Sleeper: गुवाहाटी का कामख्या रेलवे स्टेशन आज खास था. क्योंकि यहां से देश पहली वंदेभारत ट्रेन चलनी थी. इसे देखने के लिए सुबह से लोगों की भीड़ स्टेशन आ गयी थी. स्टेशन की दोनों एंट्री को खास तरह से सजाया गया था. यहां पहुंचने वालों में लोगों ने उत्साह देखने को मिल रहा था.
पहली ट्रेन की एक झलक पाने को लोग बेताब दिखे.First Vande Bharat Sleeper: पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन को देखने के लिए सुबह से लोगों की भीड़ गुवाहाटी के कामख्या स्टेशन आ गयी थी. स्टेशन की दोनों एंट्री को खास तरह से सजाया गया था. मौका भी खास था. देश की पहली वंदेभारत स्लीपर ट्रेन इसी स्टेशन से चल रही थी. लोगों ने बताया कि वे कई घंटों का सफर करने के बाद यहां तक सिर्फ वंदेभारत स्लीपर की एक झलक देखने आए हैं. स्टेशन के चारों प्लेटफार्म पर लोग लगातार आते जा रहे थे.
आज का दिन भारतीय रेलवे के लिए ऐतिहासिक है. देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन कामाख्या (गुवाहाटी) से हावड़ा (कोलकाता) के बीच शुरू हो गयी है. सुबह से ही कामाख्या स्टेशन पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई. हजारों उत्साही यात्री, पर्यटक और स्थानीय लोग सिर्फ इस आधुनिक ट्रेन की झलक देखने आए. इसमें बच्चों से लेकर बुजुर्ग, महिलाएं समेत शामिल रहे. तमाम महिलाएं पुरुष असम की पारंपरिक परिधानों में पहुंचे थे. लोग इनकी फोटो खींच रहे थे. व्यवस्था बनाएं रखने के लिए स्काउट एंड गाइड को तैनात किया गया था, जो पुलिस का सहयोग कर रहे थे.
स्टेशन की दोनों मुख्य एंट्री को फूलों, रंग-बिरंगे झंडों और विशेष सजावट से सजाया गया था. प्लेटफॉर्म पर चारों तरफ लोग आते-जाते रहे. कई लोग शहर के दूर-दूर के इलाकों से कई घंटों का रास्ता तय करके यहां पहुंचे. वे बताते हैं कि वे सिर्फ इस नई ट्रेन को देखने और उसका अनुभव करने के लिए उत्सुक हैं. बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी में जोश दिख रहा था.
स्टेशन के दूसरे प्लेटफार्म से ट्रेन पकड़ने आ रहे यात्री भी इस ट्रेन की झलक देखने के लिए प्लेटफार्म दो की ओर जा रहे थे. लेकिन सुरक्षा कारणों से सभी यात्रियों को इस ओर नहीं जाने दिया जा रहा है. सुरक्षा कर्मी बीच में रोक रहे थे. चूंकि असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा सरमा समेत कई वीआईपी मौजूद थे.

