India
-Oneindia Staff
उत्तराखंड
का
राजनीतिक
परिदृश्य
वर्तमान
में
महेंद्र
भट्ट,
जो
कि
बीजेपी
के
प्रदेश
अध्यक्ष
और
राज्यसभा
सदस्य
हैं,
के
बयानों
के
बाद
विवादों
में
उलझा
हुआ
है।
भट्ट
ने
कांग्रेस
पर
अंकिता
भंडारी
हत्याकांड
में
समय
पर
सबूत
पेश
करने
में
विफल
रहने
का
आरोप
लगाया,
उन
पर
पीड़िता
की
याद
का
अनादर
करते
हुए
अनावश्यक
साजिशें
रचने
का
आरोप
लगाया।

image
कांग्रेस
ने
उत्तराखंड
सरकार
पर
हत्या
में
शामिल
लोगों
को
बचाने
का
आरोप
लगाया
है
और
सर्वोच्च
न्यायालय
के
न्यायाधीश
की
निगरानी
में
केंद्रीय
जांच
ब्यूरो
(CBI)
जांच
की
मांग
की
है।
भट्ट
ने
इन
दावों
का
खंडन
करते
हुए
कहा
कि
पुलिस
महानिदेशक
(DGP)
द्वारा
सार्वजनिक
अपील
करने
पर
कोई
भी
सूचना
लेकर
आगे
नहीं
आया।
उन्होंने
इस
मामले
में
शामिल
अपराधियों
को
आजीवन
कारावास
की
सजा
दिलाने
के
लिए
राज्य
सरकार
के
प्रयासों
को
श्रेय
दिया।
विवादित
ऑडियो
क्लिप
भट्ट
ने
आरोप
लगाया
कि
एक
अपुष्ट
ऑडियो
क्लिप,
जिसे
कथित
तौर
पर
कांग्रेस
ने
एक
राजनीतिक
उपकरण
के
रूप
में
इस्तेमाल
किया
था,
पुलिस
को
रिपोर्ट
किया
गया
है।
सवाल
में
मौजूद
व्यक्ति
ने
दावा
किया
कि
ऑडियो
को
{artificial
intelligence
(AI)}
का
उपयोग
करके
बीजेपी
की
छवि
को
नुकसान
पहुंचाने
के
लिए
हेरफेर
किया
गया
था।
भट्ट
ने
कांग्रेस
नेताओं
से
उनके
बयानों
के
लिए
माफी
की
मांग
की।
पूर्व
विधायक
के
आरोप
पार्टी
से
निष्कासित
पूर्व
बीजेपी
विधायक
सुरेश
राठौर
ने
हरिद्वार
में
एक
प्रेस
कॉन्फ्रेंस
की,
जिसमें
कथित
तौर
पर
उनकी
छवि
को
धूमिल
करने
के
लिए
बनाए
गए
{AI}-जनरेटेड
ऑडियो
क्लिप
पर
बात
की।
राठौर
ने
ज्वालापुर
पुलिस
स्टेशन
में
एक
शिकायत
दर्ज
कराई,
जिसमें
दावा
किया
गया
कि
ये
क्लिप
राष्ट्रीय
और
राज्य
बीजेपी
नेताओं
सहित
एक
साजिश
का
हिस्सा
थे।
फोरेंसिक
जांच
की
मांग
राठौर
ने
अधिकारियों
से
उर्मिला
सनावड़
के
मोबाइल
फोन
को
तकनीकी
और
फोरेंसिक
जांच
के
लिए
जब्त
करने
का
आग्रह
किया।
सनावड़,
जो
एक
वीडियो
में
राठौर
की
पत्नी
के
रूप
में
पहचान
करती
हैं,
पर
व्यक्तिगत
आरोपों
के
साथ
उनके
परिवार
को
मानसिक
रूप
से
प्रताड़ित
करने
का
आरोप
है।
राठौर
ने
कहा
कि
ये
दावे
उनकी
छवि
को
नुकसान
पहुंचा
रहे
हैं
और
सामाजिक
सद्भाव
को
बिगाड़
रहे
हैं।
With
inputs
from
PTI

