International
oi-Bhavna Pandey
Hong
Kong
fire:
हॉन्गकॉन्ग
के
ताई
पो
शहर
में
स्थित
वांग
फुक
कोर्ट
अपार्टमेंट
कॉम्प्लेक्स
में
26
नवंबर
को
लगी
भीषण
आग
में
अब
तक
55
लोगों
से
अधिक
मौत
हो
गई
है,
जबकि
70
से
अधिक
घायल
बताए
जा
रहे
हैं।
लगभग
300
लोग
अभी
भी
लापता
हैं।
आग
लगने
के
बाद
लोगों
को
अस्थायी
आश्रयों
में
भेजा
गया
है।
इसे
शहर
के
इतिहास
की
सबसे
भयावह
अग्निकांडों
में
से
एक
माना
जा
रहा
है।
हालांकि,
1948
में
लगी
एक
और
भीषण
आग
सबसे
घातक
थी,
जिसमें
एक
गोदाम
में
लगी
आग
से
176
लोगों
की
मौत
हो
गई
थी।
यह
घटना
वांग
फुक
कोर्ट
कॉम्प्लेक्स
में
हुई,
जहां
रेनोवेशन
का
काम
चल
रहा
था।
आग
इतनी
भीषण
थी
कि
मिनटों
में
हाई-राइज
इमरतों
में
आग
में
खाक
हो
गई
और
इस
आग
ने
सैकड़ों
लोगों
के
घर
तबाह
कर
दिया
और
कईयों
की
जान
ले
ली।
जानते
हैं
आखिर
चंद
मिनटों
में
आखिर
किस
वजह
से
फैली
आग?

इंडिया
टुडे
की
रिपोर्ट
के
अनुसार
1983
में
निर्मित
यह
कॉम्प्लेक्स
ताई
पो
का
सबसे
हाई
राइज
बिल्डिंग
में
है,
जिसमें
आठ
गगनचुंबी
इमारतें
और
लगभग
2,000
फ्लैट्स
हैं।
2021
की
जनगणना
के
अनुसार,
यहाँ
4,643
लोग
रहते
थे।
किस
वजह
से
मिनटों
में
खाक
हो
गई
इमारतें
दरअसल,
आग
मुख्य
रूप
से
वांग
चेओंग
हाउस
से
शुरू
हुई
और
तेज़ी
से
ब्लॉक
4
से
7
तक
फैल
गई।
26
नवंबर
को
दोपहर
2:50
बजे
के
आसपास
आग
बाहरी
मचान
की
हरी
जाली
पर
लगीउस
समय
कॉम्प्लेक्स
की
बाहरी
दीवारों
की
मरम्मत
चल
रही
थी,
जिसके
कारण
इमारतों
पर
बाँस
की
मचानें
लगी
हुई
थीं।
रिपोर्ट
के
अनुसार
इमारत
की
खिड़कियों
पर
लगे
ज्वलनशील
स्टाइरोफोम
बोर्ड्स
और
बाँस
की
मचान
ने
आग
को
बहुत
तेज़ी
से
ऊपर
की
ओर
फैलाया।
मात्र
चार
से
पाँच
मिनट
में,
आग
ने
31
मंज़िला
इमारत
को
अपनी
चपेट
में
ले
लिया।
नवीनीकरण
में
इस्तेमाल
किए
गए
प्लास्टिक
और
पॉलीस्टाइरीन
जैसे
ज्वलनशील
पदार्थों
ने
आग
की
भीषणता
को
और
बढ़ा
दिया।
जाँच
में
पता
चला
है
कि
लिफ्ट
की
खिड़कियों
को
ढकने
के
लिए
इस्तेमाल
किए
गए
स्टाइरोफोम
ने
आग
को
तेज़ी
से
फैलाने
में
मदद
की।
इस
मामले
में
पुलिस
ने
ठेकेदार
सहित
तीन
लोगों
को
गिरफ़्तार
किया
है।
हालांकि,
सरकार
ने
मार्च
2025
से
ज्वलनशील
बाँस
की
मचानों
पर
प्रतिबंध
लगा
दिया
था।
इस
आग
को
हॉन्गकॉन्ग
में
सबसे
खतरनाक
श्रेणी
‘लेवल-5’
में
रखा
गया
है।
प्रारंभिक
जांच
से
पता
चला
है
कि
इमारतों
की
मरम्मत
में
इस्तेमाल
किए
गए
अत्यधिक
ज्वलनशील
स्टायरोफोम
ने
आग
को
तेजी
से
फैलाने
में
महत्वपूर्ण
भूमिका
निभाई।
स्टायरोफोम
एक
प्रकार
का
थर्माकोल
है
जो
बहुत
जल्दी
आग
पकड़ता
है।
आग
इतनी
तेजी
से
भड़की
कि
सात
इमारतें
इसकी
चपेट
में
आ
गईं।

