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कर्नाटक में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सीएम पद को लेकर तनाव बढ़ा, कांग्रेस हाईकमान को दखल देना पड़ा, बीजेपी ने भी तंज कसा, नेतृत्व संकट गहराया. सिद्धारमैया ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वे किसी भी कीमत पर कुर्सी छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं; उन्होंने डीके शिवकुमार की पोस्ट पर ही उन्हीं के अंदाज में जवाब दिया है.
सिद्धारमैया और शिवकुमार की खींचतान . (फाइल फोटो PTI)कर्नाटक में सत्ता के बीचोंबीच चल रही खींचतान ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया, जब मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के समर्थकों के बीच सीएम पद को लेकर तनाव खुलकर सतह पर आ गया. हालात इतने गर्माए कि कांग्रेस हाईकमान को बीच में दखल देना पड़ा. उधर, शिवकुमार ने सुबह X पर एक पोस्ट किया- ‘Word Power is World Power. दुनिया की सबसे बड़ी ताकत अपना वादा निभाना है.’ इस मैसेज को मई 2023 में कथित रूप से हुए ‘पावर-शेयरिंग’ एग्रीमेंट की ओर इशारा माना गया. सिद्धारमैया और हाईकमान को यह याद दिलाने की कोशिश कि वादा निभाओ. शिवकुमार यहीं नहीं रुके. उन्होंने आगे लिखा,
जज हो, राष्ट्रपति हों या मैं ही क्यों न होऊं-हर किसी को अपनी बात पर चलना चाहिए. Word power ही world power है. पीछे खड़े लोग कुर्सी की कीमत नहीं जानते… कुर्सी का मूल्य, महत्व क्या होता है… अब इस पर सिद्धारमैया ने जवाब दिया है. उन्होंने उसी भाषा में लिखा है, जिम्मेदारी जो पांच साल चलती है.
ಕೊಟ್ಟ ಮಾತು ಉಳಿಸಿಕೊಳ್ಳುವುದೇ ವಿಶ್ವದಲ್ಲಿರುವ ದೊಡ್ಡ ಶಕ್ತಿ! pic.twitter.com/klregNRUtv

