India
oi-Pallavi Kumari
Madhya
Pradesh
BLO
Death:
मध्य
प्रदेश
में
मतदाता
सूची
के
स्पेशल
इंटेंसिव
रिवीजन
यानी
SIR
अभियान
के
दौरान
एक
के
बाद
एक
बूथ
लेवल
ऑफिसर
की
मौत
ने
गंभीर
सवाल
खड़े
कर
दिए
हैं।
दुखद
बात
यह
है
कि
इन
घटनाओं
का
सिलसिला
रुकने
का
नाम
नहीं
ले
रहा।
हर
जिले
से
ऐसी
खबरें
आ
रही
हैं
कि
BLO
पर
बढ़ते
काम
का
बोझ,
दिन-रात
चलने
वाला
दबाव
और
टारगेट
पूरा
न
करने
पर
सस्पेंशन
की
धमकियां
उनके
मानसिक
और
शारीरिक
स्वास्थ्य
पर
भारी
पड़
रही
हैं।

🟡
झाबुआ
के
BLO
की
मौत
के
पीछे
दबाव
की
कहानी
झाबुआ
जिले
के
बूथ
लेवल
ऑफिसर
भुवन
सिंह
चौहान
की
मौत
ने
पूरे
SIR
सिस्टम
पर
सवाल
खड़ा
कर
दिया।
चौहान
पेशे
से
सहायक
शिक्षक
थे
और
SIR
अभियान
के
तहत
रोजाना
100
मतदाताओं
का
सर्वे
करने
का
टारगेट
दिया
गया
था।
परिवार
का
आरोप
है
कि
यही
टारगेट
उनकी
मौत
की
वजह
बना।
उनकी
बेटी
संगीता
चौहान
ने
बताया
कि
पिता
पर
बेहद
ज्यादा
वर्कलोड
था।
suspension
के
दिन
वे
मानसिक
रूप
से
टूट
गए
थे।
उसी
रात
उन्होंने
न
तो
खाना
खाया
और
न
ही
सो
पाए।
अगले
दिन
अचानक
चक्कर
आए
और
वे
सीढ़ियों
से
गिर
पड़े।
उन्हें
तुरंत
बोरी
के
कम्युनिटी
हेल्थ
सेंटर
ले
जाया
गया,
लेकिन
डॉक्टरों
ने
मृत
घोषित
कर
दिया।
🟡
सस्पेंशन
नोटिस
ने
तोड़
दी
हिम्मत
चौहान
को
जिस
आधार
पर
सस्पेंड
किया
गया,
उस
आदेश
में
लिखा
था
कि
वे
घर-घर
सर्वे
और
EFS
डिजिटाइजेशन
का
काम
पूरा
नहीं
कर
पाए
थे।
उनका
प्रोग्रेस
मात्र
तीन
प्रतिशत
था।
इसमें
कहा
गया
कि
उन्होंने
महत्वपूर्ण
और
समयबद्ध
चुनावी
कार्य
में
लापरवाही
दिखाई,
जो
Representation
of
the
People
Act,
1950
की
धारा
31
का
उल्लंघन
है।
झाबुआ
SDM
भास्कर
गचले
ने
बताया
कि
यह
कार्रवाई
नायब
तहसीलदार
की
शिकायत
के
बाद
की
गई
थी।
🟡
दतिया
में
BLO
ने
स्कूल
में
लगाई
फांसी
दतिया
जिले
में
इससे
भी
दर्दनाक
घटना
सामने
आई।
शासकीय
हाईस्कूल
सालोन
बी
में
पदस्थ
लैब
असिस्टेंट
और
BLO
उदयभान
सिंह
सिहारे
ने
स्कूल
भवन
के
भीतर
फांसी
लगाकर
जान
दे
दी।
सहकर्मियों
के
मुताबिक
वे
कई
दिनों
से
चुप
रहते
थे
और
काम
को
लेकर
बेहद
तनाव
में
थे।
SIR
अभियान
के
भारी
दबाव
ने
उन्हें
अंदर
ही
अंदर
तोड़
दिया
था।
सुबह
जब
अन्य
शिक्षक
स्कूल
पहुंचे
तो
उन्हें
पंखे
से
लटका
पाया
गया।
पुलिस
जांच
कर
रही
है,
जबकि
परिवार
का
कहना
है
कि
SIR
दबाव
ने
उनकी
जान
ली।
🟡
रायसेन
में
शिक्षक
की
मौत
रायसेन
जिले
में
मंडीदीप
के
शिक्षक
रामाकांत
पांडेय
की
मौत
ने
भी
हड़कंप
मचा
दिया।
उनकी
पत्नी
ने
बताया
कि
चार
रात
से
उन्हें
ठीक
से
नींद
नहीं
आई
थी।
हर
रात
अधिकारियों
के
फोन
आते
थे।
टारगेट
पूरा
करने
के
लिए
दबाव
और
सस्पेंशन
की
धमकी
आम
बात
बन
चुकी
थी।
गुरुवार
(20
नवंबर)
रात
देर
तक
ऑनलाइन
मीटिंग
चली।
उसके
बाद
वे
बाथरूम
गए
और
वहीं
गिर
पड़े।
उन्हें
अस्पताल
ले
जाया
गया,
जहां
डॉक्टरों
ने
मृत
घोषित
किया।
🟡
दमोह
में
काम
का
पहाड़
और
मौत
दमोह
के
रांजरा
गांव
में
ड्यूटी
कर
रहे
शिक्षक
सीताराम
गोंड
भी
अचानक
बीमार
पड़े
और
अगले
दिन
उनकी
मौत
हो
गई।
सहकर्मियों
का
कहना
है
कि
उन्हें
1,319
मतदाताओं
का
काम
दो
गांवों
में
दिया
गया
था।
काम
मात्र
13
प्रतिशत
ही
हो
पाया
था,
जिस
वजह
से
उन्हें
लगातार
धमकियां
मिल
रहीं
थीं।
🟡
एक
BLO
छह
दिन
से
लापता
रायसेन
जिले
में
ही
BLO
नारायण
दास
सोनी
छह
दिनों
से
गायब
हैं।
वे
घर
से
निकले
और
वापस
नहीं
लौटे।
परिवार
परेशान
है
और
पुलिस
लगातार
उनकी
तलाश
कर
रही
है।
माना
जा
रहा
है
कि
वे
भी
SIR
काम
के
दबाव
में
थे।
🟡
पहले
भीमौतें,
फिर
भी
सिस्टम
में
बदलाव
नहीं
दमोह
के
तेंदूखेड़ा
क्षेत्र
में
कुछ
दिन
पहले
BLO
श्याम
सुंदर
शर्मा
की
सड़क
दुर्घटना
में
मौत
हो
गई
थी।
परिजनों
ने
तब
भी
SIR
दबाव
को
बड़ा
कारण
बताया
था।
सवाल
यह
है
कि
जब
इतने
मामले
सामने
आ
चुके
हैं,
तब
भी
SIR
अभियान
में
काम
करने
वाले
कर्मचारियों
के
लिए
कोई
सुरक्षित
और
मानवीय
प्रावधान
क्यों
नहीं
किए
जा
रहे।
मदद
बस
एक
कॉल
दूर
पहचान
पूर्णतः
गोपनीय
,
पेशेवर
परामर्श
सेवा
iCALL
मेंटल
हेल्पलाइन
नंबर:
9152987821
सोम
–
शनि:
सुबह
10
बजे
–
शाम
8
बजे

