नई दिल्ली. आत्मनिर्भर भारत ने दुश्मनों को स्पष्ट संदेश दे दिया है. रक्षा मंत्रालय और भारत डायनामिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने टी-90 टैंकों की मारक-क्षमता बढ़ाने के मकसद से आईएनवीएआर एंटी-टैंक मिसाइलों की आपूर्ति हेतु ₹2,095.70 करोड़ के ठोस अनुबंध पर हस्ताक्षर किए – यह खरीद पूरी तरह ‘खरीद (भारतीय)’ श्रेणी के तहत है और देश की रक्षा क्षमताओं को बलपूर्वक सशक्त करेगी.
13 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली के साउथ ब्लॉक में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में यह समझौता किया गया, जो इस बात का एक मुकम्मल संकेत है कि भारत अब अपनी बख्तरबंद ताकत में आत्मनिर्भरता के साथ बेदहक आधुनिकीकरण कर रहा है.
आईएनवीएआर मिसाइलों के जुड़ने से भारतीय सेना के टी-90 मुख्य टैंक सिर्फ बेहतर नहीं होंगे – वे निशाना साधने में तेज, मारक-शक्ति में भारी और रणभूमि पर निर्णायक बन जाएंगे. यह कदम वैश्विक परिदृश्य में हमारी सामरिक क्षमता को मजबूती से लौटा रहा है और यह स्पष्ट कर रहा है कि भारत अब अपनी रक्षा के मामले में किसी पर निर्भर नहीं रहेगा.
यह टैंक उच्च-सटीकता वाला लेजर-गाइडेड एंटी-टैंक मिसाइल कठिन लक्ष्यों को भेदने और विषम परिस्थितियों में सटीक लक्ष्यनिशान सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है. इसके परिणामस्वरूप मशीनीकृत अभियानों की गतिशीलता, लक्ष्य संभालने की दक्षता और रणनैतिक विकल्प बढ़ेंगे, जिससे युद्धक्षेत्र पर भारतीय रक्षा बलों को काफी परिचालन लाभ प्राप्त होगा.
टी-90 रूसी मूल का तीसरी पीढ़ी का मुख्य लड़ाकू टैंक है. इसे मोबाइलिटी, अग्नि-शक्ति और सुरक्षात्मक प्रणालियों के संतुलन के लिए डिजाइन किया गया – यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है. भारत में यह T-90S (Bhishma) व स्थानीय लाइसेंस्ड असेंबली/अपग्रेड के रूप में सेवा में है.
आग्नेय शक्ति (Firepower)
मुख्य तोप: 125 mm 2A46 श्रृंखला स्मूथबोर तोप – ईंधन/रॉकेट-सक्षम शेल (HEAT, APFSDS, HE-F) व निर्देशित मिसाइल दाग सकती है.
ऑटो-लोडर: तीन सदस्यों वाली टीम के साथ ऑटोमेटिक लोडिंग, जो शॉट-रिट और क्रू साइज कम करने में मदद करती है.
राज़ी-शक्ति: उच्च सटीकता, गतिशील लक्ष्य पर भी प्रभावी.
सहायक हथियार: 7.62 mm कोक्सियल मशीनगन और अक्सर 12.7 mm रिमोट-ऑप्टेड/हैंडल्ड मशीनगन एंटी-एयर/इन्फैंट्री के लिए.
लक्ष्याकर्षण और इलेक्ट्रॉनिक्स
फायर कंट्रोल सिस्टम: बॉलिस्टिक कंप्यूटेशन, लेजर रेंजफाइंडर, और इंटीग्रेटेड लक्ष्य-ट्रैकिंग.
थर्मल/नाइट विजन: कम रोशनी/रात में सटीक लक्ष्य पहचान व निशाना लगाने की क्षमता.
आधुनिक संवर्द्धन: कुछ वेरिएंट्स में उन्नत थर्मल इमेजर और डिजिटल कम्युनिकेशन मौजूद हैं.
सुरक्षा और बचाव
बर्फ-प्रभावी कवच: समेकित स्टील/कॉम्बोजिट बेसिक कवच.
एक्सप्लोसिव रिएक्टिव आर्मर (ERA): कई टी-90 वेरिएंट में ERA ब्लॉक्स (उदा. Kontakt-5/Relikt जैसे) लगे होते हैं – शैलों के खिलाफ बचाव बढ़ाते हैं.
लचीलापन/काउंटर-मीज़: लघु इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग/डिस्ट्रैक्शन सिस्टम (जैसे Shtora-1) कुछ टैंकों में मौजूद होते हैं जो मिसाइल-इरिगेशन को कम करते हैं.
जीवित रहने की क्षमता: कम प्रोफ़ाइल व उन्नत प्रोटेक्शन की वजह से रणभूमि पर टिकने की अच्छी क्षमता.
गतिशीलता (Mobility)
इंजन: आमतौर पर ~800–1,000 hp रेंज का डीजल इंजन (वेरिएंट के अनुसार).
शीर्ष गति: सड़क पर ~55–65 किमी/घंटा (परिचालन परिस्थितियों पर निर्भर).
रेटेड रेंज: ईंधन वेक्टर के अनुसार ~500–600 किमी तक क्रूज़िंग रेंज.
ऑफ-रोड क्षमता: शक्तिशाली सस्पेंशन व ट्रैक सिस्टम से कठिन इलाके में भी अच्छी गतिशीलता.
क्रू और ऑपरेशन
क्रू: 3 सदस्य (कमांडर, गनर, चालक) – ऑटो-लोडर के कारण लोडर नहीं.
रख-रखाव: अपेक्षाकृत सरल डिजाइन – फील्ड में मरम्मत व समर्थन सहज.
ताकत का सार (Why T-90 is strong)
बेहद संतुलित पैकेज: अग्नि-शक्ति, सुरक्षा और गतिशीलता के बीच अच्छा संतुलन.
कम-प्रोफ़ाइल व जीवित रहने की क्षमता: लक्ष्य बनने की संभावना कम.
मॉड्यूलर अपग्रेड क्षमता: इलेक्ट्रॉनिक्स, कवच और हथियारों के अपडेट से बेहतर बनाना आसान.
लागत-प्रभावी: उच्च उत्पादन व रखरखाव लागत की तुलना में प्रभावी प्रदर्शन.

