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ISIS Terrorist Module; Gujarat ATS: गुजरात ATS ने आतंकियों की ऐसी साजिश का खुलासा किया है जो देश को हिला सकती थी. चीन से पढ़ा डॉक्टर अहमद सैयद हैदराबाद में 1 लाख रुपए की लागत से राइसिन जैसी जानलेवा केमिकल लैब चला रहा था. उसे अबू खबीजा ने फंडिंग की थी. ATS ने 6 लीटर जहर जब्त कर जांच FSL को सौंपी है.
गुजरात ATS ने आतंकी अहमद सैयद की हैदराबाद स्थित लैब से 6 लीटर राइसिन ज़हर बरामद किया.ISIS Terrorist Module; Gujarat ATS: गुजरात एटीएस (ATS) ने ऐसी आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है जिसने देशभर की सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर ला दिया है. गिरफ्तार आतंकी डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, जिसने चीन से एमबीबीएस किया है. अपने हैदराबाद स्थित घर में एक मिनी केमिकल लैब चला रहा था वह ‘राइसिन’ (Ricin) नामक जानलेवा रासायनिक हथियार बना रहा था.
डॉ. अहमद सैयद ने 1 लाख रुपए में हैदराबाद में राइसिन लैब बनाई थी.
राइसिन फैक्ट्री का खुलासा- हैदराबाद का ‘मकान नंबर 9’
गुजरात ATS की टीम जब आतंकी अहमद सैयद के हैदराबाद स्थित असलम मंज़िल के मकान नंबर-9 पर पहुंची, तो वहां एक पूरी लैबोरेटरी मिली. यहां से विभिन्न केमिकल्स, मिक्सिंग टूल्स, और ग्लास कंटेनर बरामद किए गए. जांच के दौरान एफएसएल (FSL) टीम ने बताया कि इस लैब से 6 लीटर ज़हरीला राइसिन केमिकल रिकवर किया गया है इतना ज़हर सैकड़ों लोगों की जान ले सकता था. सैयद इन केमिकल्स को मिलाकर प्रयोग कर रहा था ताकि अधिक घातक मिश्रण तैयार किया जा सके. एफएसएल ने पुष्टि की है कि यह राइसिन सायनाइड से भी कई गुना ज़्यादा जहरीला है.
आतंकी अबू खबीजा ने भेजे 1 लाख रुपए- ऐसे बनी तबाही की फैक्ट्री
गुजरात ATS की पूछताछ में अहम खुलासा हुआ है-
आतंकी अहमद सैयद को उसके हैंडलर अबू खबीजा ने दुबई के रास्ते 1 लाख रुपए भेजे थे. इसी रकम से उसने यह मिनी-लैब तैयार की, जिसमें विस्फोटक और जहरीले पदार्थों का मिश्रण बनाया जाता था.
ATS सूत्रों के मुताबिक, सैयद इस ज़हर को खाने या पानी में मिलाकर फैलाने की साजिश रच रहा था ताकि बिना आवाज़ के बड़ी तबाही की जा सके.
गुजरात ATS की कार्रवाई में अब तक के बड़े खुलासे
- गिरफ्तार आतंकियों में शामिल हैं डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद, मोहम्मद सुहेल, और आज़ाद सैफी.
- तीनों ISIS खुरासान प्रांत (ISKP) से प्रेरित और प्रशिक्षित बताए गए हैं.
- आतंकी अहमद चीन से MBBS कर चुका है और रासायनिक प्रयोगों में विशेषज्ञ है.
- ATS को हैदराबाद लैब से 6 लीटर राइसिन, कई केमिकल्स और उपकरण मिले.
- अबू खबीजा ने विदेश से फंडिंग कर भारत में रासायनिक आतंक फैलाने की योजना बनाई थी.
आतंकी नेटवर्क का ढांचा
| नाम | भूमिका |
|---|---|
| डॉ. अहमद मोहिउद्दीन सैयद | चीन से MBBS, हैदराबाद में ‘राइसिन’ बनाने वाला मास्टरमाइंड |
| मोहम्मद सुहेल | रसायन मिलाने और वितरण की जिम्मेदारी |
| आज़ाद सैफी | दिल्ली व यूपी में संपर्क और लॉजिस्टिक्स हैंडल करता था |
| अबू खबीजा | दुबई से फंडिंग और योजना बनाने वाला हैंडलर |
| ISKP (ISIS Khorasan Province) | आतंकी संगठन जिससे सभी तीनों के लिंक |
क्या है ‘राइसिन’ और कितना खतरनाक है?
- ‘राइसिन (Ricin)’ एक बेहद घातक जैविक जहर है जो अरंडी (Castor) के बीज से बनाया जाता है.
- यह बिना स्वाद और गंध वाला पदार्थ है.
- केवल 1 मिलीग्राम मात्रा भी इंसान की जान ले सकती है.
- यह शरीर में प्रवेश करने के कुछ ही घंटों में अंगों को निष्क्रिय कर देता है.
- इसे बायो-टेररिज्म के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिबंधित किया गया है.
- ATS की चेतावनी: “देशभर में एक्टिव हैं स्लीपर सेल्स”
यह मामला दिखाता है कि अब आतंकवादी कम पैसे और घरेलू साधनों से भी बड़े हमले की साजिश रच सकते हैं. सिर्फ 1 लाख रुपए की लागत में बनी यह ‘राइसिन फैक्ट्री’ साबित करती है कि रासायनिक आतंकवाद देश के लिए नई चुनौती है. एजेंसियों का मानना है कि आने वाले समय में “Chemical Terror Threat” भारत की सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बनेगा.
Sumit Kumar is working as Senior Sub Editor in News18 Hindi. He has been associated with the Central Desk team here for the last 3 years. He has a Master’s degree in Journalism. Before working in News18 Hindi, …और पढ़ें
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