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Job Opportunity in India : देश में नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है. सीआईआई ने अपनी हालिया रिपोर्ट में बताया है कि साल 2026 में कंपनियों का हायरिंग रेट 11 फीसदी से भी ऊपर जाने का अनुमान है.
सीआईआई ने अगले साल हायरिंग डिमांड 11 फीसदी से अधिक रहने का अनुमान लगाया है. नई दिल्ली. नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं के लिए साल 2026 तोहफे भरा साबित हो सकता है. भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) की हालिया रिपोर्ट देखें तो पता चलता है कि अगले साल नौकरियों की डिमांड 11 फीसदी तक पहुंच जाएगी, जिससे आने वाले समय में बेरोजगार की दर और घटेगी. इस रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में एक साल की सुस्त इकाई अंक की वृद्धि के बाद नियुक्ति की मंशा दोहरे अंक में 11 फीसदी पर लौट आई है. यह पिछले साल 9.75 फीसदी थी जिसे क्षेत्रीय विस्तार से समर्थन मिला है.
भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के सहयोग से डिजिटल भर्ती मंच ‘टैग्ड’ ने ‘इंडिया डिकोडिंग जॉब्स’ 2026 नाम से रिपोर्ट जारी की है. इसमें बताया गया है कि बैंकिंग, वित्तीय सेवाएं एवं बीमा (बीएफएसआई), विनिर्माण और बुनियादी ढांचा जैसे क्षेत्र भर्ती की गति को बढ़ाने के लिए तैयार हैं. टैग्ड के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) देवाशीष शर्मा ने कहा कि यह पुनरुत्थान डिजिटल क्रांति, औपचारिकता और क्षेत्रीय विस्तार द्वारा संचालित पुनर्प्राप्ति से पुनर्निमाण की ओर बदलाव को दर्शाता है.
21 कंपनियों के सर्वे पर तैयार की रिपोर्ट
रिपोर्ट का यह संस्करण 21 उद्योगों के लगभग 300 से अधिक प्रतिभागियों से प्राप्त जवाबों के आधार पर तैयार किया गया है. यह भारत की नौकरी एवं प्रतिभा की कहानी का डेटा-समर्थित दृष्टिकोण प्रस्तुत करता है. रिपोर्ट के अनुसार, कृत्रिम मेधा (एआई), संगठनों में नियुक्ति के तरीके को बदल रहा है. हायरिंग करने वाली 60 फीसदी कंपनियां ‘रिज्यूमे स्क्रीनिंग’ के लिए और 45 फीसदी साक्षात्कार स्वचालन के लिए करते हैं. परिणामस्वरूप एआई-संबंधित कौशल अब भर्ती में उतने ही महत्वपूर्ण हैं जितने कि अन्य उद्योगों में.
डिजिटल जानकारों की बढ़ी डिमांड
रिपोर्ट में कहा गया कि नियोक्ता डिजिटल एवं डेटा विशेषज्ञों, कृत्रिम मेधा/मशीन लर्निंग इंजीनियर और स्थिरता विशेषज्ञों के साथ-साथ जेनएआई, क्लाउड कंप्यूटिंग व साइबर सुरक्षा जैसी प्रौद्योगिकियों में कुशल उम्मीदवारों की तलाश कर रहे हैं. साल 2026 अनुभवी पेशेवरों का वर्ष बनकर उभरेगा, क्योंकि कंपनियां छह से 15 वर्ष के अनुभव वाले मध्यम एवं वरिष्ठ स्तर की प्रतिभाओं को प्राथमिकता दे रही हैं. साल 2026 में अनुमानित नौकरियों में मझोले शहरों का योगदान 32 फीसदी तक पहुंच सकता है.
महिला कर्मचारियों की बढ़ रही डिमांड
सीआईआई की ओर से तैयार इस रिपोर्ट में कहा गया है कि अब कंपनियां महिला कर्मचारियों को भर्ती करने में भी तेजी दिखा रही हैं. रिपोर्ट के अनुसार, वित्तवर्ष 2026-27 में महिलाओं की भर्ती 30 फीसदी रहने का अनुमान है, जो साल 2025 के स्तर के अनुरूप है लेकिन 2024 के 36 फीसदी से कम है. यह दिखाता है कि आने वाले समय में महिलाओं की भर्ती और तेज होने की संभावना है.
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…और पढ़ें
प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि… और पढ़ें

