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टिकट बुक करते समय अगली बार जब आपकी आरएसी टिकट आए तो स्वयं ही पता कर सकते हैं कि कंफर्म होने की कितनी संभावना है, इसी के अनुसार आप यात्रा प्लान कर सकते हैं. जानें आसान तरीका.
कितनी आरएसी हो सकती है कंफर्म, आप भी जान सकते हैं.नई दिल्ली. ट्रेन में टिकट बुक करते समय अगर आपको कंफर्म टिकट मिल जाता है तो आप खुशी खुशी यात्रा की तैयारी करने लगते हैं. पर अगर आपका टिकट आरएसी आ जाता है तो आप असमंजस्य में आ जाते हैं. इसी उघेड़ बुन में लगे रहते हैं कि अगर आरएसी कंफर्म नहीं हुआ तो यात्रा कैसे करेंगे. बच्चों के साथ केवल दो बर्थ में सफर करना मुश्किल होगा. लेकिन अगली बार जब आपकी आरएसी टिकट आए तो स्वयं ही पता कर सकते हैं कि कंफर्म होने की कितनी संभावना है, जानें आसान तरीका.
ट्रेनों में अब पूरे साल मारामारी रहती है.
ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारमारी फेस्टिवल सीजन में होती है.ट्रेनों में कंफर्म खतम होने के बाद आरएसी टिकट मिलती है. इनमें से कितनी आरएसी कंफर्म होगा. इसका अनुमान पहले ही लगाया जा सकता है. इसलिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है. बुक करने के साथ ही आप अपनी यात्रा प्लान कर सकते हैं.
क्या है आरएसी कंफर्म होने का तरीका
ट्रेनों में रिजर्वेशन कराने के बाद औसतन 21 फीसदी लोग टिकट कैंसिल कराते हैं. इस तरह अगर 21 फीसदी संभावना कंफर्म होने की रहती है. यानी स्लीपर के एक कोच में 8 से 10 सीटें औसतन कंफर्म होने की संभावना रहती है. इसके अलावा करीब 4 से 5 फीसदी लोग टिकट लेने के बाद भी ट्रेन में सफर नहीं करते हैं. इसे भी जोड़ लिया जाए तो करीब 25 फीसदी यानी एक कोच में तीन से चार और पूरी ट्रेन में 30 से 40 नंबर तक आरएसी कंफर्म हो सकती है.
बढ़ सकती है कंफर्म होने की संख्या
रेल मंत्रालय के पास सभी ट्रेनों के लिए इमरजेंसी कोटा होता है. इसके तहत 10 फीसदी सीटें रिजर्व होती हैं. इस तरह स्लीपर, थर्ड एसी, सेकेंड एसी और फर्स्ट ऐसी में अलग-अलग नंबर होता है. यह कोटा इसलिए होता है कि अगर कोई बीमार व्यक्ति या जरूरतमंद हो तो रेलवे कंफर्म सीट दे सके. उदाहरण के लिए 10 फीसदी में पांच फीसदी ही इमरजेंसी कोटे के तहत कंफर्म टिकट दिया गया तो 5 फीसदी वेटिंग कंफर्म होने की संभावना और बढ़ जाएगी.

