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Army Chief General Upendra Dwivedi: जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने मानेकशॉ सेंटर में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर युवाओं को रक्षा क्षेत्र में इनोवेशन और रणनीतिक सोच से जुड़ने का आह्वान किया.
सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मॉडर्न वॉरफेयर के बदलते स्वरूप को लेकर आगाह किया है. (पीटीआई/फाइल फोटो)Army Chief General Upendra Dwivedi: सेना प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने शुक्रवार 31 अक्टूबर 2025 को कहा कि आधुनिक दौर में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है और यह अब नॉन-काइनेटिक (non-kinetic) और नॉन-कॉन्टैक्ट (non-contact) होता जा रहा है. ऐसे में इससे निपटने के लिए सिर्फ सैन्य शक्ति ही नहीं, बल्कि बौद्धिक क्षमता और नैतिक दृढ़ता भी जरूरी है. जनरल द्विवेदी ने यह बात नई दिल्ली स्थित मानेकशॉ सेंटर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में कही. इस मौके पर उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे देश के रणनीतिक और सुरक्षा ढांचे का हिस्सा बनें, फिर चाहे वह थिंक-टैंक हों, लैब हों या फिर युद्ध का मैदान.
कार्यक्रम ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग: यंग लीडर्स फोरम’ का आयोजन भारतीय सेना और थिंक-टैंक ‘सेंटर फॉर लैंड वॉरफेयर स्टडीज (CLAWS)’ द्वारा किया गया. इस मौके पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी सेना अधिकारियों, छात्रों और रक्षा विशेषज्ञों की मौजूदगी में सभा को संबोधित किया. जनरल द्विवेदी ने अपने भाषण में युद्ध की बदलती प्रकृति पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘आज के समय में युद्ध का स्वरूप तेजी से गैर-संपर्क और गैर-घातक बन रहा है. इसका अर्थ है कि भविष्य के संघर्ष केवल हथियारों से नहीं लड़े जाएंगे, बल्कि दिमाग, तकनीक और नैतिक शक्ति से तय होंगे.’ उन्होंने कहा कि साइबर वॉर, सूचना युद्ध (Information War) और अंतरिक्ष आधारित क्षमताओं (Space Power) के बढ़ते महत्व ने पारंपरिक युद्ध (Traditional War) की परिभाषा को बदल दिया है.
युवाओं को खास संदेश
सेना प्रमुख जनरल द्विवेदी ने कहा कि भारत की युवा पीढ़ी को अब केवल रक्षक की भूमिका तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि रक्षा अनुसंधान, रणनीतिक चिंतन और नवाचार में भी आगे आना होगा. उन्होंने कहा कि भारत के समक्ष आने वाले खतरे पारंपरिक नहीं, बल्कि हाइब्रिड हैं, और उनका मुकाबला करने के लिए बहुआयामी तैयारी की जरूरत है. इस कार्यक्रम में ऑपरेशन ‘सिंदूर’ के दौरान मीडिया ब्रीफिंग्स में प्रमुख भूमिका निभाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी भी मौजूद रहीं.
चाणक्य डिफेंस डायलॉग 2025
कार्यक्रम के दौरान यह भी घोषणा की गई कि ‘चाणक्य डिफेंस डायलॉग 2025’ का आयोजन आगामी 27-28 नवंबर को किया जाएगा. इसका थीम होगा- रिफॉर्म टू ट्रांसफॉर्म: सशक्त और और अधिक सुरक्षित भारत. सेना प्रमुख के वक्तव्य ने यह स्पष्ट किया कि भारत की सैन्य रणनीति अब केवल सीमा पर लड़ाई तक सीमित नहीं, बल्कि तकनीक, विचार और नीति के क्षेत्र में भी अपने प्रभाव को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रही है.
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें
बिहार, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से प्रारंभिक के साथ उच्च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु… और पढ़ें

